आखिर ये अनुराग ठाकुर हैं कौन …?
January 21st, 2020 | Post by :- | 556 Views

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की ताजपोशी पर एक वीडियो बहुत वायरल हुआ , आधा अधूरा एक वीडियो दिखाया गया जिसमें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हाथ बढ़ाया मगर अनुराग ठाकुर ने इग्नोर कर दिया …? हालाँकि बाद में नमस्ते भी की और हाथ भी मिलाया था ..

सिराज में तो वीडियो ऐसा गूंजा कि कई लोगों ने दारु पी पी कर अनुराग के लिए अपशब्द बोले .. खैर लोकतंत्र है , ऊपर से सोसल मदिया भी स्वतंत्र .. कोई कुछ भी बोल सकता है | मगर यह तो साफ़ दिख रहा था कि बेसक अनुराग ठाकुर ने बाद में मुख्यमंत्री से हाथ मिला लिया हो , मगर इग्नोर तो किया ही …

तो इसकी सच्चाई तक पहुँचाना भी जरुरी था कि आखिर ऐसा हुआ तो क्यों हुआ ..? बहुत से स्क्रिप्टिड पत्रकारों ने नेताओं को मख्खन लगाने के लिए अपनी अपनी कहानियां शुरू कर दी .. मगर शिमला के जगमोहन शर्मा ने इस बारे बेहद रोचक बात सामने लाइ ..
उन्होंने अपने पोर्टल a4applenews.com
पर सच को जगजाहिर किया कि आखिर ऐसा हुआ क्यों ..?

वास्तव में उस दिन हुआ कुछ ऐसा था … कार्यक्रम के बीच में केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और अनुराग ठाकुर पहुंचे। इनका स्वागत करने जयराम ठाकुर गेट की ओर चले तो बिंदल भी चल दिए। दोनों पीटरहॉफ के गेट पर आये जिनमें आगे निशंक थे। जयराम ठाकुर ने गर्मजोशी के साथ निशंक का स्वागत किया। उन्हें जादू की झप्पी सप्पी दी फूल हार का सिलसिला भी हुआ और हाथ पकड़कर सीधा भीतर आ गए। अनुराग ठाकुर पीछे थे लेकिन जयराम ठाकुर ने न तो उनका अभिवादन किया न स्वागत किया न फूल हार का सिलसिला हुआ और न हाथ मिलाया यानी अनुराग ठाकुर पूरी तरह से इग्नोर किए गए।

आखिर क्यों ..? आखिर ये अनुराग ठाकुर है कौन ..? क्या यह कोई गली कूचे से उठ कर यहां अपना अभिवादन कराने आया था ..? अनुराग ठाकुर भी एक केंद्रीय मंत्री हैं और जफ्फी सफ्फी न सही , मगर इसी प्रदेश से हैं , तो काम से कम स्वागत तो बनता ही है | मगर न जाने क्यों कुछ नेता उनको हासिये पर धकेलना चाहते हैं | मगर ऐसा क्यों ..? एक पहाड़ी कहावत है कि “बिल्ली मारी तो सब देखते हैं ,मगर दूध पिया कोई नहीं देखता ” और शायद यहां भी यही हुआ | अनुराग को कितना इग्नोर किया यह किसी ने नहीं देखा मगर जब अनुराग ने इग्नोर किया , तक बहुतों को दिख गया | कुल मिलाकर भाजपा परिवार के दो नेताओं नें शायद एक दूसरे को इग्नोर किया था

पूरी घटना का दूसरा पहलु यह भी है कि यह कार्यक्रम सरकारी नहीं था, भाजपा का था | ऐसे में यहां न कोई मंत्री होता है न मुख्यमंत्री , यहां सब कार्यकर्ता होते हैं | यहां अध्यक्ष ही बड़ा होता है | ऐसे में अगर किसी से पहले हाथ मिला लिया गया किसी से बाद में , तो इतना बवाल क्यों | खासकर कांग्रेस के कई नेता इस मामले में अपना विचार जबरदस्ती इस मामले में प्रकट कर रहे थे | शायद उनको यह पता नहीं कि यह भाजपा का अंदरूनी मामला है , फिर कुछ नेता क्यों खुद के विचार इसमें जबरदस्ती शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं | खैर हिमाचल की संस्कृति रही है स्वागत करने की , मगर जब निशंक का स्वागत हो सकता है , तो अनुराग ठाकुर का क्यों नहीं …आखिर अनुराग भी तो केंद्रीय मंत्री हैं ..फिर यह उनसे कोई खौफ है कि उनका हिमाचल में स्वागत तक बंद किया जाने लगा है ..

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