एक बंदर मारने पर मिलेंगे 1000 रुपए
February 26th, 2019 | Post by :- | 325 Views

शिमला —प्रदेश की 91 तहसीलों में खूंखार बंदरों को पकड़ने एवं मारने वालों को अधिक राशि देने के लिए प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। हालांकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ऐसे बंदरों को पकड़ने के लिए 500 रुपए प्रति बंदर दिए गए थे और बंदरों को मारने वालों को 700 रपए प्रति बंदर दिए जाते रहे, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इन राशियों में वृद्धि करने का प्रस्ताव तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक एक बंदर पकड़ने वाले को 800 रुपए और मारने वालें को 1000 रुपए तक की राशि दी जा सकती है। हालांकि अभी यह राशि फाइनल नहीं हुई है। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर इस मसले पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से चर्चा करेंगे। सोमवार को प्रदेश सचिवालय में अनौपचारिक बातचीत के दौरान वन मंत्री ने कहा कि बंदरों को पकड़ना अपने आप में एक चुनौती है। ऐसी स्थिति में राशि में बढ़ोतरी करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 91 तहसीलों एवं उप-तहसीलों में वानरों को मारने की अनुमति मिल गई है। एक वर्ष की अवधि के लिए बंदरों को पीड़क जंतु यानी वर्मिन घोषित किया गया है। वन मंत्री ने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों में बंदरों को मारने वालों को समुचित राशि दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि 24 मई, 2016 को वानरों को हिमाचल के 10 जिलों की 38 तहसीलों एवं उप-तहसीलों मे पीड़क जंतु घोषित किया गया था, जिसकी अवधि 20 दिसंबर, 2017 तक बढ़ाई गई थी, लेकिन पूरे प्रदेश में 17 बंदर ही मारे गए।

बंदर साथ लाओ, तभी मिलेगा पैसा

खूंखार बंदरों को मारने वाले व्यक्ति उस बंदर को साथ लेकर संबंधित वन विभाग के कार्यालय जाना होगा। तभी उसे राशि दी जाएगी। इसके साथ बंदर पकड़ने के बाद वाइल्ड लाइफ विंग को सूचित करना होगा या उस बंदर को साथ लेकर वन विभाग की टीम के पास जाना होगा। यह इसलिए अनिवार्य किया गया, ताकि कोई व्यक्ति अवैध धंधा शुरू न कर सके।

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