कोविड-19 : लॉकडाउन में राहत देने से बड़े पैमाने पर कोविड संक्रमण की आशंका
May 15th, 2020 | Post by :- | 78 Views

भारत को कोविड-19 के सामुदायिक स्तर पर फैलने के जोखिम का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। एक प्रख्यात स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने शुक्रवार को आगाह किया कि लॉकडाउन में राहत देने के चलते कोरोना वायरस बड़े पैमाने पर फैल सकता है।

कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक देश में वायरस का सामुदायिक स्तर पर फैलना (चरण तीन) पहले ही शुरू हो चुका है। लेकिन पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष प्रोफेसर के श्रीनाथ रेड्डी ने कहा कि यह परिभाषा पर निर्भर करता है कि कोरोना अभी चरण तीन में पहुंचा है या नहीं। रेड्डी ने कहा कि अगर हम सामुदायिक संक्रमण को उन लोगों में प्रसार के रूप में देखें जिन्होंने कहीं की यात्रा नहीं की या किसी संक्रमित के संपर्क में नहीं आाए, तो निश्चित तौर पर ऐसे कई मामले सामने आए हैं। लेकिन जो लोग इसे अब भी दूसरा चरण बता रहे हैं, उनका कहना है कि यह पता लग सकने वाला स्थानीय प्रसार है और ऐसा सामुदायिक प्रसार नहीं है जिसका अनुमान न लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि इसलिए हम सामुदायिक प्रसार जैसे शब्द के इस्तेमाल से बच रहे हैं। यह परिभाषाओं एवं भाषा का विषय है।

प्रोफेसर रेड्डी का तर्क: 
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में ह्रदयरोग विभाग के पूर्व प्रमुख रेड्डी ने तर्क दिया कि सामुदायिक प्रसार हर उस देश में नजर आया है जहां इस वैश्विक महामारी ने भयावह रूप लिया है। भारत को भी इसके लिए तैयार रहना चाहिए। उसे रोकथाम के सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए।

देश में कम मृत्यु दर के कारण: 
रेड्डी के मुताबिक मलेशिया समेत दक्षिण पूर्वी एशिया के राष्ट्र खासकर भारत में प्रति लाख लोगों पर उन देशों के मुकाबले मृत्यु दर कम रही जहां महामारी का प्रकोप उसी वक्त नजर आया था। उन्होंने कहा कि भारत में मृत्यु दर कम होने के कई कारक हो सकते हैं जैसे कम आयु वर्ग की आबादी ज्यादा होना, ग्रामीण जनसंख्या अधिक होना और लॉकडाउन जैसे एहतियाती कदम उठाया जाना। लेकिन उन्होंने इन्हें दृढ़ रखने की जरूरत पर भी बल दिया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन खुलने पर कुछ जोखिम उत्पन्न हो सकते हैं क्योंकि लोगों की आवाजाही बढ़ जाएगी।

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