क्या दूसरी बार भी शरीर पर हमला कर सकता है कोरोना वायरस, जानिए क्या कहते हैं जानकार
May 19th, 2020 | Post by :- | 198 Views

कोरोना वायरस के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें से कई पूरी तरह ठीक होकर अपने घरों को भी जा रहे हैं। ठीक होने वालों में कहीं बुजुर्ग, तो कहीं छोटे बच्चे शामिल हैं। ठीक होते मरीजों के बीच एक सवाल उठता है कि क्या किसी को दूसरी बार भी कोरोना वायरस हो सकता है? यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में हुए अध्ययन के मुताबिक, कोरोना मरीज को तत्काल तो दोबारा यह संक्रमण नहीं हो सकता है, लेकिन आने वाले दिनों या महीनों में यह दोबारा हमला कर सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर जॉन स्वेट्जबर्ग के अनुसार, इलाज के दौरान मरीज के शरीर में एंटीबॉडीज की मात्रा बढ़ जाती है। इसी से वह कोरोना वायरस से मुक्त हो जाता है, लेकिन जैसे-जैसे इन एंटीबॉडीज की मात्रा घटती है, वैसे-वैसे कोरोना वायरस का संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है। वैसे कोरोना वायरस जैसे ही एक अन्य वायरस के अध्ययन से पता चला है कि एंटीबॉडीज का शरीर में 2 साल तक असर रहता है।

जॉन स्वेट्जबर्ग के अनुसार, हमारा अनुभव कहता है कि एंटीबॉडीज कुछ समय तक तो कोरोना वायरस से बचाव करेंगे। वैज्ञानिकों ने बंदरों पर यह प्रयोग किया है और अब तक दूसरी बार किसी में संक्रमण नहीं हुआ है। वैज्ञानिक इसे इन्सानों के लिए भी अच्छा संकेत मान रहे हैं।

सबसे अहम है इम्युनिटी

कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में इम्युनिटी यानी बीमारियों से लड़ने की ताकत सबसे अहम है। यूनिवर्सिटी ऑफ अलबामा के फ्रांसिस लुंड कहते हैं, हमें नहीं पता कि कोरोना वायरस से ठीक हो चुके इंसान के शरीर में इम्युनिटी कब तक रहेगी? इम्युनिटी की क्वालिटी कब तक रहेगी? जब तक इम्युनिटी है, कोरोना वायरस के साथ ऐसी कोई भी बीमारी शरीर पर हमला नहीं बोल पाएगी। मस्तिष्क ज्वर और हेपेटाइटिस ए तथा बी जैसी बीमारियों में भी इम्युनिटी अहम भूमिका निभाती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानी शरीर में कुछ एंटीबॉडीज हमेशा रहते हैं, वहीं कुछ वक्त के साथ अगल-अलग कारणों से खत्म हो जाते हैं। इम्युनिटी को लेकर www.myupchar.com से जुड़ीं डॉ. आकांक्षा मिश्रा कहती हैं, सभी तरह के विटामिन, आयरन और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ ऐसे हालात में फायदेमंद हैं।

कोरोना वायरस कितने दिन बाद दोबारा हमला करता है?

इस पर ज्यादातर वैज्ञानिक अभी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शियस डिजिज के हेड एंटनी फौसी का मानना है कि यदि किसी को मार्च में कोरोना वायरस हुआ है तो उसमें कम से कम सितंबर तक की इम्युनिटी होगी। उनके मुताबिक, यदि वायरस वैसा ही है जैसा हम जानते हैं, तो इलाज के बाद यह शरीर से पूरी तरह निकल जाता है, इंसान की इम्युनिटी भी बढ़ जाती है, जो री-इन्फेक्शन से रोकती है।

www.myupchar.com से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, लोग अपनी जीवन शैली में छोटी-छोटी गलतियां करते हैं और ये गलतियां ही इम्युन सिस्टम पर असर डालती हैं और कोरोना वायरस जैसी महामारी हमला बोलती है। इसलिए हर वो काम करने से बचें, जिसका असर इम्युनिटी पर पड़ता है।

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