क्या संक्रमित द्वारा इस्तेमाल बर्तन को फेंक देना चाहिए? जानें कोरोना मिथक और सच्चाई
May 14th, 2020 | Post by :- | 142 Views

इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हो रहे हैं। इन्हें लेकर आम लोगों में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। क्या है, इन मिथकों की सच्चाई, इस बारे में आपको बता रहा है ‘हिन्दुस्तान’

हर संक्रमित महिला को वेंटिलेटर पर रखा जाता 
बिलकुल नहीं। ब्रिटेन के एनएचएस हॉस्पिटल की रिपोर्ट औरा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, कोविड-19 से संक्रमित गर्भवती महिलाओं को भी उतना ही खतरा होता है, जितना आम महिलाओं को संक्रमण के दौरान होता है। ब्रिटेन से मिली रिपोर्ट के अनुसार, दस में एक गर्भवती महिला को आईसीयू में रखने की जरूरत होती है। सामान्य संक्रमित महिलाओं के आईसीयू में भेजे जाने की दर भी इतनी ही है।

संक्रमितों द्वारा इस्तेमाल बर्तन को बाहर फेंक देना चाहिए
नहीं। स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए बर्तनों को अच्छी तरह साबुन या डिटर्जेंट से साफ करें। साफ करते समय हाथ में ग्लव्स पहनें। बर्तन धोने के बाद उन्हें अच्छे से सूखने दें। ग्लव्स उतारकर दोबारा हाथों को अच्छी तरह धो लें।

हर समय घर की खिड़कियां बंद रखनी चाहिए 
ये भ्रम है। अमेरिका के सीडीसी के अनुसार, ऑफिस हो या घर, अंदर की हवा साफ रखने के लिए अच्छे वेंटिलेशन की जरूरत होती है। कई शोध इस बात की तस्दीक करते हैं कि कमरे में ताजी हवा व रोशनी का आवागमन हवा को साफ और संक्रमण मुक्त रखने में मदद करता है। सर्दियों में संक्रमण फैलने का बड़ा कारण खिड़कियों का हर समय बंद रहना भी होता है।

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