क्या सर्जिकल मास्क और टॉयलेट पेपर एक ही मैटीरियल से बनते हैं, जानें हकीकत
May 22nd, 2020 | Post by :- | 140 Views

इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हो रहे हैं। इन्हें लेकर आम लोगों में काफी भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। क्या है, इन मिथकों की सच्चाई, इस बारे में आपको बता रहा है ‘हिन्दुस्तान’।

सर्जिकल मास्क और टॉयलेट पेपर एक ही मैटीरियल से बनते हैं-
हकीकत-

यह बात काफी सुनने में आ रही है कि टॉयलेट पेपर, सेनिटरी पैड और डायपर की कमी होने वाली है, क्योंकि इन्हें बनाने में वही सामग्री लगती है, जो सर्जिकल मास्क बनाने में लगती है। इसलिए कोरोना संकट के दौरान इन चीजों की किल्लत हो सकती है। पर चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन के अनुसार, टॉयलेट पेपर व सर्जिकल मास्क का निर्माण अलग-अलग रॉ मैटीरियल से होता है। इसलिए घबरा कर इन चीजों को जमा न करें।

ग्रीन जोन में पहले जैसी सामान्य जिंदगी जी सकते हैं-
हकीकत-

विभिन्न देशों के बहुत सारे लोग, जो लॉकडाउन के बाद काम पर लौटे थे, अब कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह सच है कि लोग सामान्य जिंदगी की ओर लौटना चाहते हैं, लेकिन हम तब तक पूरी तरह निश्चिंत नहीं हो सकते, जब तक कोविड-19 का टीका सभी जगह उपलब्ध न हो जाए।

फेसशील्ड के नीचे मास्क पहनना जरूरी-
हकीकत-

एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लिंडा बॉल्ड के अनुसार, फेसशील्ड के नीचे भी मास्क पहनना चाहिए, तभी इससे दूसरों का बचाव हो सकता है। फेसशील्ड में पूरा चेहरा ढंग से ढका नहीं होता। फेसशील्ड से संक्रमण से आपका बचाव तो होगा, पर दूसरों में संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा। मास्क पहनने से संक्रमण को दूसरों में फैलने से भी रोका जा सकता है।

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