क्या होती है हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी ?
August 20th, 2019 | Post by :- | 316 Views

सरकार या कोर्ट की नजर में जब कोई व्यक्ति किसी भी तरह की कैसी भी शहर या कोई भी तरह से अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करे  या कोई और अराजक स्थिति पैदा करें  तो इस परिस्थिति में सरकार उस व्यक्ति को हाउस अरेस्ट कर सकती है| इसके अलावा उस व्यक्ति को जेल ना भेजकर उसके घर में ही नजरबन्द रखा जाता है तो ऐसी स्थिति को हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी कहा जाता है|

जम्मू और कश्मीर में जारी गतिरोध के बीच सरकार ने नेताओं को एहतियात के तौर पर हाउस अरेस्ट कर दिया था|आइये जानते है आखिर यह हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी क्या होती है?

हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी:-

जब तक कोर्ट यह तय नहीं कर पाती है कि कोई व्यक्ति किसी अपराध के लिए दोषी है या नहीं तो उसे जेल नहीं भेजती है और उस आरोपी व्यक्ति को खुला घूमने से रोकने के लिए कोर्ट हाउस अरेस्ट या नज़रबंदी का आदेश देती है| इसका मतलब सिर्फ इतना होता है कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति अपने घर से बाहर न जा पाए|

हाउस अरेस्ट के अंतर्गत  गिरफ्तार व्यक्ति किसी से बात नही कर सकता| वह अपनी फॅमिली और वकील से ही बात कर सकता है |

घर में नजरबन्द व्यक्ति अपने सारे काम कर सकता है जैसे :-स्कूल, डॉक्टर से मिलना, किसी से मिलना, सामुदायिक सेवा और अदालतों द्वारा तय किये गए अन्य काम करने की अनुमति होती है. हालाँकि इस दौरान सुरक्षा कर्मी आरोपी के साथ रहेंगे | आरोपी व्यक्ति को बाहर यात्रा करने की छूट नहीं होती है |

नजरबन्द व्यक्ति को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होती है |स्पेशल परमिशन पर ही ये सम्भव है|

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