तीसा, सलूणी, डलहौजी के जंगलों में लगी आग #news4
April 8th, 2022 | Post by :- | 126 Views

चंबा : फायर सीजन शुरू होने से पहले ही जिले में लाखों की वन संपदा राख हो गई है। वन संपदा के अलावा जंगलों में रह रहे हजारों जीव जंतु भी आग की भेट चढ़ गए हैं। पिछले तीन चार दिन से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। तीसा, सलूणी, डलहौजी के जंगलों में हर रोज उठ रही आग की लपटों को लेकर वन विभाग के अलावा क्षेत्र के लोग भी काफी परेशान है। कोटी नकरोड़ मार्ग पर कल्हेल व चनेड़ के सरूणी जंगल में लगी आग से पूरा जंगल तबाह हो गया है। प्रदेश में दो महीने से चल रहे सूखे के स्पैल के चलते जल, जंगल, जमीन, इंसान सहित हर-एक जीव जंतु बारिश के लिए तरस रहे हैं। सूखे के बीच प्रचंड धूप से जमीन पर जरा भी नमी नहीं रही है। इस बीच जंगलों में सूखी घास, पत्ती, झाड़ियों व पुराने पेड़ों में उठ रही आग की लपटों को काबू कर पाना भी मुश्किल हो रहा है। दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों के जंगलों में आग लगती है, तो वहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।

आग से निपटने के लिए किया गया है टीमों का गठन

सूखे के चलते जंगलों में आग की काफी घटनाएं सामने आने लगी हैं। आग पर काबू पाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में टीमों का गठन किया गया है। लेकिन सूखे व हवा के बीच उठती लपटों को काबू कर पाना मुश्किल हो रहा है। कोई भी व्यक्ति आग जैसी घटनाओं को अंजाम न दें। अन्यथा पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई अम्ल में लाई जाएगी। वहीं लोगों से भी अपील है कि उनके क्षेत्र में लगने वाली आग की सूचना वन विभाग को दें ताकि समय रहते इस पर काबू पाया जा सके।

अमित शर्मा, वन मंडल अधिकारी चंबा। वन विभाग की ओर से आगजनी की सूचना मिलने पर विभाग की टीम की ओर से गाड़ी सहित मौके पर पहुंच आग पर काबू पाने के प्रयास किए जाते हैं। कई जंगल ऐसे में जो सड़क से काफी दूर हैं, वहां गाड़ी ले जाना मुश्किल है। ऐसे में वहां पर क्रास कट से आग पर काबू पाया जा सकता है।

गोपाल दास, जिला अग्निशमन अधिकारी चंबा। धारगला जंगल में वन संपदा को नुकसान

उपमंडल सलूणी के तहत आने वाले धारगला जंगल में वीरवार शाम आग लगने से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। आग की लपटें सुंडला-सलूणी मुख्य मार्ग पर दोनों तरफ फैल गई। इससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा है। साथ ही जंगल में रहने वाले छोटे जीव-जंतु आग की भेंट चढ़ गए।

वीरवार देर शाम धारगला के पास जंगल में दोनों तरफ आग लगी हुई थी। उसी समय एसडीपीओ सलूणी आइपीएस मयंक चौधरी अपने सरकारी कार्य के बाद चंबा से सलूणी वापस लौट रहे थे, जब वह धारगला में पहुंचे तो उन्होंने मौके पर जंगल में आग देखकर तुरंत पुलिस चौकी सलूणी, थाना किहार व फायर ब्रिगेड सलूणी, सुरंगाणी व तीसा सहित स्थानीय वन विभाग कर्मियों को सूचित किया, जिसके बाद पुलिस, वन विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों सहित अग्निशमन विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। पुलिस व अग्निशमन विभाग, वन विभाग कर्मचारियों व स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया गया। शुक्रवार को भी पुलिस विभाग की ओर से पुलिस चौकी सलूणी से एक टीम को उक्त स्थान पर एहतियात के तौर पर स्थिति का जायजा लेने के लिए रवाना किया गया, ताकि किसी स्थान पर धुआं उठ रहा हो तो उस स्थान पर आग को दोबारा भड़कने से रोका जा सके और किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। गौरतलब है कि गर्मी का मौसम आते ही वनों में आग लगना आम बात हो गई है। कई जगह शरारती तत्वों की ओर से जंगल में आग लगा दी जाती है, जिससे जंगल धू-धू कर जलने लगते हैं। चंबा से सलूणी मुख्यालय लौटते समय धारगला जंगल में आग लगी हुई थी। ऐसे में पुलिस सहित सभी विभागों को सूचित किया तथा सभी के सहयोग से आग पर काबू पा लिया गया।

मयंक चौधरी, एसडीपीओ सलूणी।

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