दिल्ली की लेब में टेस्टिंग के लिए जायेगी हिमाचल की हल्दी, किसान होंगे मालामाल : सुदेश्वर साकी
May 24th, 2020 | Post by :- | 105 Views

देहरा। कोरोना वायरस की बजह से बेरोजगारी हद से ज्यादा बढ़ गई है। अपना रोजगार छोड़ दूसरे राज्यों व देश विदेश से लोग अब अपने गांव की ओर रुख कर रहे हैं। इसी बीच खतरनाक बीमारी से बचने के लिए इम्युनिटी बढाने की बात भी हो रही है और हल्दी इसका बेहतर विकल्प है। यहां हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। अब देशभर में हल्दी की डिमांड बढ़ने लगी है।

इसी के चलते देहरा से सम्बंध रखने वाले फाइटो केमिकल साइंटिस्ट सुदेश्वर साकी ने कांगड़ा से हल्दी की विभिन्न प्रजातियों की डिमांड की है ताकि हल्दी के कुकुमिन की सही मात्रा का पता लगाया जा सके ताकि हिमाचल प्रदेश की हल्दी को दिल्ली बाजार में सही कीमत मिल सके। उन्होंने कहा कि हल्दी को वह अपनी लैब में टेस्ट करेंगे उसके बाद ही कुछ कह सकेंगे। उन्होंने कहा कि किसान अधिक कुकुमिन मात्रा की हल्दी की पैदावार करेगा तो आर्थिक रूप से भी सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि हल्दी दवाओं के साथ साथ कॉस्मेटिकस में भी पड़ती है। उन्होंने कहा कि किसानों के खाली पड़े खेतों में लेमन ग्रास भी उगाया जा सकता है। जिससे परफ्यूम, दवाओं आदि में डाला जाता है। उन्होंने कहा कि हल्दी और लेमन ग्रास में यह खासियत भी है कि इसे कोई भी जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाता है व बंदर भी नजदीक नहीं आते। हल्दी एंटीबायोटिक होती है और कुछ हल्दी बीजों में यह खासियत है कि इसमें कुकुमिन तेल की मात्रा काफी ज्यादा है।

प्रदेश में हल्दी की कुुुछ प्रजातियों में परीक्षण में 5.2% से ज्यादा आंकी गई है जो कि इसकी उच्च गुणवत्ता को दर्शाता है। इसके अलावा सामान्य हल्दी की फसल में 2 से 3 वर्ष का समय लगता है वही प्रगति हल्दी का यह बीज 7 महीने यानी 210 दिन में तैयार हो जाता है। इसके अलावा इस की फसल बढ़ोतरी भी 20 से 30 गुणा है जोकि बाकी हल्दी से कई गुना ज्यादा है। यदि आप 1 टन हल्दी के बीज की बिजाई करें तो जिससे 7 महीने में 24 टन हल्दी की पैदावार होती है। जिस की कीमत 24 लाख रुपये है। हल्दी की खेती करने वाले किसानों को पहले अपने खेतों में इसकी खेती की पूरी जानकारी होनी चाहिए। हिमाचल में कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और ऊना जिलों का इलाका हल्दी की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है और इन सभी जगह से किसान हल्दी की खेती कर रहे हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।