शहरी विकास विभाग के संयुक्त निदेशक समेत तीन अफसरों को कारण बताओ नोटिस
January 23rd, 2020 | Post by :- | 216 Views
मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन 1100 पर आई एक शिकायत को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित न करने पर शहरी विकास विभाग के संयुक्त निदेशक समेत तीन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने टूटीकंडी स्थित हेल्पलाइन के कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान गड़बड़ी मिलने पर तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय जांच की भी हो सकती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू होने के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है। सीएम ने अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से शिकायत का निस्तारण करने के निर्देश दिए। बताया कि हेल्पलाइन 1100 पर कुल 205111 कॉल आई हैं। इनमें 50887 शिकायतें शामिल हैं।

बीते चार माह में 44210 शिकायतों का समाधान किया गया है। बैठक में निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी रोहन चंद ठाकुर ने एक प्रस्तुति भी दी। मुख्य सचिव अनिल कुमार खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान, प्रमुख सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी जेसी शर्मा, ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष व अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सीएम हेल्पलाइन पर ट्रांसफर होंगी जनमंच की शिकायतें

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से औपचारिक बातचीत में कहा कि जनमंच और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के एकीकरण की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। प्रदेश भर में आयोजित जनमंच से प्राप्त शिकायतों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को स्थानांतरित किया जाएगा। वर्तमान में मुख्यमंत्री कार्यालय को प्राप्त हो रही सभी शिकायतों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्शाया जा रहा है। इनका शीघ्र निपटारा किया जा रहा है।

गुजरात माडल का होगा अध्ययन
सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन को और प्रभावकारी बनाने के लिए एक कमांड कंट्रोल सेंटर और मुख्यमंत्री डैश बोर्ड स्थापित किया जाएगा। इसे अधिक प्रभावी बनाने को गुजरात मॉडल के अध्ययन के लिए अधिकारियों का एक दल गुजरात का दौरा करेगा।

फोन पर की गई शिकायतकर्ताओं से बात
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एक दर्जन शिकायत कर्ताओं से फोन पर बात कर उनसे फीडबैक लिया गया। कुछ ने शिकायत के निस्तारण व सुनवाई पर संतोष जताया तो कुछ ने जांच जारी होने की बात कही। मुख्यमंत्री ने गुणवत्ता पर जोर देते हुए हर महीने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में व हर दो महीने में खुद समीक्षा करने की बात कही।

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