शहर में उड़ी नींद तो याद आई गांव की गोद, विदेश व अन्य अन्य राज्यों से लौटे 90 फीसद लोग पहुंचे पंचायतों में
May 18th, 2020 | Post by :- | 213 Views

कोरोना संक्रमण के चलते शहर में लोगों की नींद उडऩे लगी तो गांव की गोद याद आ गई। अन्य राज्यों व विदेश से हिमाचल प्रदेश में आने वाले लोगों में 90 फीसद पंचायतों में पहुंचे हैं। कोरोना प्रभावित क्षेत्रों से आने वाली की संख्या देख पंचायतों ने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए मोर्चा संभाला लिया है।

प्रदेश में अब तक एक लाख लोग आ चुके हैं।

करीब 56 हजार ने ई-पास के लिए आवेदन किया है, जो घर वापसी चाहते हैं। इनमें अधिकतर लोग अपने गांव के खुले वातावरण में लॉकडाउन की घुटन मिटाने पहुंचे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ग्रामीण भी प्रशासन के साथ मिलकर पहरेदारी कर रहे हैं। पंचायतें और अधिकारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधि, सेक्टर अधिकारी व आशा वर्कर दबिश देकर होम क्वारंटाइन (गृह निगरानी) में रहने वालों का पहरा दे रहे हैं और जांच में जुटे हैं।

एक अधिकारी जिम्मे पांच से सात पंचायतें

प्रदेश की 3226 पंचायतों में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पंचायतों को सेक्टरों में बांटा गया है। हर अधिकारी के जिम्मे पांच से सात पंचायतों का जिम्मा सौंपा गया है। निर्धारण पंचायत के विस्तार और वहां बाहर से आए लोगों की संख्या के आधार पर किया गया है।

इन्हें बनाया सेक्टर अधिकारी

खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड चिकित्सा अधिकारी, कानूनगो को सैक्टर अधिकारी बनाया गया है। जिस हर सैक्टर की लगातार निगरानी और गृह निरागनी में रखे लोगों के घर पर छापामरी हो सके। पंचायत सचिव, पटवारी, पंचायत प्रधान व वार्ड पंच को निगरानी का जिम्मा सौंपा है।

रेड जोन व बाहरी राज्यों से आए लोगों के घरों के बाहर कोविड 19 पोस्टर लगाने के साथ की लगातार निगरानी की ज रही है। पंचायत प्रधान व स्थानीय लोग बेहतर कार्य कर रहे हैं। हर दिन दबिश देकर जांच की जा रही है। कई उल्लंघन कर रहे हैं उन्हें समझाया भी जा रहा है। -पीएल नेगी, बीडीओ, रोहड़ू

बाहर से आए करीब एक लाख लोगों में सात हजार लोग शहरों में व अन्य पंचायतों में पहुंचे हैं। -राम कुमार गौतम, निदेशक शहरी विकास विभाग

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