सड़क हादसे रोकने में बिलासपुर जिला पूरे प्रदेश में No.1
January 17th, 2020 | Post by :- | 236 Views

जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस के संयुक्त प्रयासों की बदौलत बीते तीन माह में बिलासपुर जिला में एक भी सड़क हादसा रिकॉर्ड नहीं किया गया, जिससे यह जिला जनजातीय जिलों को छोड़ कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। वहीं, वर्ष 2018-19 में भी जिला में सड़क हादसों व उनमें होने वाली मौतों का ग्राफ कम हुआ है। जिला प्रशासन वाहन चालकों को विशेष जागरूकता शिविरों में लगातार ड्राइविंग सेंस और पार्किंग सेंस का पाठ भी पढ़ा रहा है।

शुक्रवार को प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त विनय धीमान ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और पुलिस सड़क हादसों को रोकने के प्रति बेहद गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। इन दिनों पूरे देश में आयोजित हो रहे सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान भी वाहन चालकों को जिला के अलग-अलग भागों में जागरूक किया जा रहा है। इस सप्ताह के पहले दिन यानी 11 जनवरी को जिला मुख्यालय पर मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली छात्रों के अलावा पुलिस व सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने लोगों को सड़क सुरक्षा का संदेश दिया। 12 जनवरी को सुरक्षित वाहन चलाने वाले चालकों को गुलाब के फूल दिए गए।

अगले दिन परिवहन विभाग के कैलेंडर वितरित किए गए और 14 जनवरी को बस स्टैंड पर चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित हुआ। अगले दिन एचआरटीसी वर्कशॉप, 16 को सुन्हाणी और आज शुक्रवार को बरमाणा में रोड सेफ्टी कैंप आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्व स्तर पर वर्ष 2015 से 2020 तक हादसों को कम करने दिशा में कार्य किया जा रहा है और सुखद है कि हिमाचल में बिलासपुर जिला इस अभियान में सर्वप्रथम रहा है। जिला में जहां पिछले तीन वर्षों में हादसों का ग्राफ कम हुआ, वहीं पिछली तिमाही में गैर जनजातीय जिलों में एक भी सड़क दुर्घटना रिकॉर्ड नहीं हुई।

विनय धीमान ने कहा कि हालांकि बिलासपुर जिला में तीन-तीन सीमेंट कारखानों के ट्रकों के अलावा अन्य वाहनों का भारी दबाव है, इसके बावजूद सड़क हादसों में कमी होने से साफ है कि लोग अब हादसों के प्रति जागरूक हो रहे हैं और यातायात नियमों का स्वेच्छा से पालन कर रहे हैं। उद्दंड किस्म के चालकों पर नजर रखने के लिए परिवहन विभाग ने पुलिस को 13 मोबाइल वैन और 15 एल्कोसेंसर के अलावा अन्य उपकरण भी प्रदान किए हैं। जिला में 30 दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 17 को दुरुस्त कर दिया गया है और शेष पर कार्य चल रहा है।

तीन पुलों सलापड़, चिकनी-बहल बड़ोल और सीर खड्ड के सुधारीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। इसके अलावा प्रशासन वाहन चालकों के लाइसेंस बनाते समय भी सख्ती बरत रहा है और उनकी वीडियोग्राफी की जा रही है। स्कूली छात्रों को जागरूक करने के साथ ही विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, वाहनों में जीपीएस और पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा चालान का सिलसिला जारी है और यह भविष्य में भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जिला में वर्ष 2018 में 193 सड़क हादसों में 57 लोगों की जानें गई, जबकि 432 लोग घायल हुए, वहीं वर्ष 2019 में हादसों की संख्या 150 रही, जिनमें 32 लोग मारे गए और 318 लोग घायल हुए।

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