स्लीप टेक्सटिंग का शिकार हो रही है आज की युवा पीढ़ी
August 20th, 2019 | Post by :- | 347 Views

वर्तमान समय में टेक्नोलाॅजी ने हमें सिर्फ बेहतरीन सुविधाएं ही प्रदान नहीं की हैं, बल्कि यह बहुत सी बीमारियां भी अपने साथ लेकर आया है। ऐसे ही एक बीमारी स्लीप टेक्सटिंग। अमूमन लोग इस बीमारी से अनजान ही है, लेकिन फिर भी यह कई लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है। खास बात यह है कि अभी तक लोग इसे बीमारी के रूप में ले ही नहीं रहे हैं। जबकि यह स्थिति वास्तव में आपके लिए खतरनाक है।स्लीप टेक्सटिंग एक ऐसी अवस्था है, जिसमें व्यक्ति रात को नींद में उठकर किसी को भी मैसेज या मेल भेज देता है और उसे इसका पता ही नहीं चलता। इस अवस्था में भेजे गए मैसेज आमतौर पर अर्थहीन होते हैं। यह ठीक वैसी ही स्थिति है, जैसे कुछ लोग नींद में उठकर चलने लगते हैं।

स्लीप टेक्सटिंग के शिकार अधिक युवा पीढ़ी हो रही है। इसका मुख्य कारण टेक्नोलाॅजी को एक लत की तरह इस्तेमाल करना है।
अगर आप चाहते हैं कि आप इसके शिकार न हों तो आपको कुछ बातों का ख्याल रखना होगा। जैसे मोबाइल या इंटरनेट का प्रयोग सीमित करें। साथ ही आवश्यकता होने पर इसका प्रयोग करें।

इसके अतिरिक्त सोने से पहले अपने फोन को बंद कर दें या फिर उसे कहीं दूर रख दें। साथ ही तनावमुक्त रहने का प्रयास करें।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।