मोदी सरकार की हिमाचल को सौगात, 112 सड़कों का जल्द होगा निर्माण
November 27th, 2019 | Post by :- | 116 Views

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हिमाचल की 112 ग्रामीण सड़कों के लिए 964.25 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। यह राशि 1250 किलोमीटर लंबाई की 112 ग्रामीण सड़कों और एक पुल को स्तरोन्नत व सुधार करने पर खर्च होगी। मंगलवार को नई दिल्ली में ग्रामीण विकास के सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में हिमाचल की ओर से प्रधान सचिव लोक निर्माण जेसी शर्मा, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग आरके वर्मा, प्रमुख अभियंता (परियोजना) पीआर धीमान और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मुख्य अभियंता पीसी ने बैठक में भाग लिया।

प्रदेश में बनने वाली इन सड़कों में से 109 सड़कों को हरित और पर्यावरण अनुकूल तकनीक के तहत तैयार किया जाएगा। 17 सड़कों को मध्यवर्ती लेन मानकों, छह सड़कों को सिंगल लेन मानकों के आधार पर स्तरोन्नत किया जाएगा। 89 सड़कोें को सिंगल लेन मानकों के आधार पर सुधार होगा।

इन परियोजनाओं में बिलासपुर, कुल्लू और चंबा जिला की छह-छह, सोलन, ऊना और हमीरपुर की नौ-नौ, कांगड़ा की 24, किन्नौर की तीन, लाहुल की दो, मंडी की 20, शिमला की 11 और सिरमौर जिले की सात सड़कों को स्तरोन्नत करने का प्रस्ताव है।

सड़कों के निर्माण में आएगी तेजी

प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़कों को मंजूरी मिलने के बाद से निर्माण कार्य में तेजी आएगी। यह योजना दिसंबर 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आरंभ की थी। तब से अब तक प्रदेश में इससे बड़ा सड़क नेटवर्क खड़ा हुआ है। सड़कों के जाल बिछने से ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यस्था में बड़ा बदलाव आया है। किसानों अपने उत्पाद को बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं। बेमौसमी सब्जियोें के उत्पादन को बढ़ावा मिला है।

मुआवजे का प्रावधान नहीं

पीएमजीएसवाई (प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना) सड़कों के निर्माण के लिए प्रभावित भू-मालिकों को मुआवजा नहीं दिया जाता है। राज्य सरकार जमीन मालिकों से गिफ्ट डीड करवाती है ताकि मुआवजे का बंदोबस्त न करना पड़े। जबकि नेशनल हाइवे, फोरलेन सड़कों के निर्माण में मुआवजा देने का प्रावधान है। इसके लिए केंद्र की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यालय में नीति बनाई गई थी। वही नीति आज भी लागू है।

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