बिजली दरों में बढ़ोतरी नहीं चाहते तो भेजो अपने सुझाव
March 16th, 2019 | Post by :- | 74 Views

हिमाचल के साढ़े 19 लाख घरेलू उपभोक्ताओं और 30 हजार औद्योगिक घरानों के लिए तय की जा रही नई बिजली दरों में अगर आप बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो नौ अप्रैल तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं।

राज्य विद्युत नियामक आयोग साल 2019-20 के लिए बिजली दरें तय करने से पहले जनता की राय भी लेगा। इसी कड़ी में 30 अप्रैल को आयोग के कसुम्पटी स्थित कार्यालय में जन सुनवाई होगी। लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश में बिजली दरों की घोषणा होगी।

राज्य बिजली बोर्ड को अपने खर्च पूरे करने के लिए साल 2019-20 में 5801.58 करोड़ राजस्व की जरूरत है। साल 2018-19 के मुकाबले बोर्ड का खर्च 512.32 करोड़ रुपये बढ़ने की संभावना है। बीते सालों के घाटे को जोड़ लिया जाए तो बिजली बोर्ड को साल 2019-20 में 6451.52 करोड़ की जरूरत है। बोर्ड के मुताबिक बीते सालों के घाटे को पूरा करने के लिए 1062.26 करोड़ की आवश्यकता है।

इन बिंदुओं के आधार पर ही बोर्ड ने राज्य विद्युत नियामक आयोग में रिव्यू पिटीशन दायर की है। बिजली बोर्ड का खर्च बढ़ने, आय कम होने और बीते दो सालों से दरें नहीं बढ़ने की दुहाई देते हुए आर्थिक  स्थिति को खराब बताया गया है। उधर, नियामक आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिंदी और अंग्रेजी भाषा में सुझाव-आपत्तियां दी जा सकती हैं।

किसी अन्य भाषा के सुझाव-आपत्तियां स्वीकार नहीं होंगी। लोगों के सुझाव-आपत्तियों का बिजली बोर्ड 16 अप्रैल तक लोगों को जवाब देकर भेजेगा। बोर्ड के जवाब से असंतुष्ट लोग 23 अप्रैल तक दोबारा अपनी बात रख सकेंगे।

यहां दे सकते हैं सुझाव 
सचिव राज्य विद्युत नियामक आयोग के एसडीए कांप्लेक्स कसुम्पटी कार्यालय।
ई मेल आईडी : cecomm@hpseb.in या edp@hpseb.in

दो साल से नहीं हुई है बिजली दरों में बढ़ोतरी
शिमला। हिमाचल में साल 2016 में घरेलू बिजली की दरें 3.5 फीसदी बढ़ाई गई थी। इससे पूर्व साल 2014-15 में बिजली दरों को बढ़ाया गया था। साल 2017-18 में चुनावी साल होने के चलते दरों में कोई इजाफा नहीं हुआ। 2018-19 में लगातार दूसरे साल भी प्रदेश में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ी थी।

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