शिमला के खेतों में अब बंदराें की वजह से लहलहाते हुए फसल की तरह दिख रही कारें
March 18th, 2019 | Post by :- | 55 Views

किसानों को बंदरों ने इतनी तंग किया कि उन्होंने खेती करना ही छोड़ दिया और अपने सारे खेत मारूति कंपनी को कारें खड़ी करने के लिए दे दिए। किसानों को अब न किसी प्रकार का बंदरों से नुकसान होने का डर है और वे खेती से ज्यादा मुनाफे में अपना काम कर रहे है।

शिमला के आसपास के खेतों में पार्क की कारें ऐसी लगती है जैसे कोई फसल लहलहा रही हो। किसानों  ने बताया कि बंदरों ने जीना मुश्किल कर दिया है। बंदर फसलों को नष्ट कर रहे हैं और इस कारण अब लोगों ने खेतीबाड़ी करना छोड़ दिया है। शिमला के आसपास इलाकों में भी यही स्थिति है, जहां खेत बंजर पड़ गए हैं।

शोघी के पास जलेल पंचायत के शकलेच व गनपेरी में किसानों के खेतों पर कार कंपनी की ओर से शोरूम में जाने से पहले कारों को यहां पार्क किया जाता है। शोरूम से डिमांड आने पर कंपनी यहां से गाड़ियों को तारादेवी लाती है और वहां ग्राहकों को बेची जाती है।

पहले गोयल कंपनी आईटीबीपी के पास एक ग्राउंड में ये नई गाड़ियां रखती थी। कंपनी ने शकलेच और गनपेरी के लोगों से बातचीत की तो किसान भी इसके लिए आसानी से तैयार हो गए क्योंकि वे भी खेती से ज्यादा नहीं कमा पा रहे थे।

कारों को रखने के लिए जगह देने के कारण किसानों की भी आय होने लगी तो कंपनी को भी अपनी कारों को रखने के लिए जगह मिल गई है। कारों से भरे खेतों को तारादेवी से आगे सृष्टि माता मंदिर और सोनू बंगला से देखा जा सकता है।

यहां सड़क के किनारे खड़ा होकर इन कारों पर नजर जाती है। यहां कंपनी एक समय में करीब करोड़ों की डेढ़ हजार कारें खड़ी कर रही है और कंपनी के कर्मचारी इनकी निगरानी करते हैं।

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