चीन और दूसरे प्रभावित देशों से घर लौटे 145 हिमाचली
February 5th, 2020 | Post by :- | 126 Views

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के 145 लोग और स्टूडेंट करोना वायरस (Corona Virus) प्रभावित देशों से स्वदेश लौट आए हैं. हिमाचल स्वास्थ्य विभाग (Health Department of Himachal) ने यह जानकारी दी है. हालांकि, इन लोगों के नाम और पत्ते साझा नहीं किए गए हैं, लेकिन जिलावार कितने लोग प्रदेश लौटे हैं, इसकी सूची जारी की है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, चीन समेत अन्य देशों से 145 लोग हिमाचल लौटे हैं. इन लोगों को घरों में रहने को कहा गया है. सूबे के शिमला में सर्वाधिक 32 और कांगड़ा में 20 लोग चीन तथा अन्य कोरोना प्रभावित देशों से लौटे हैं. सरकार की ओर से हर व्यक्ति की पहचान की जा रही है. साथ ही इन लोगों के परिवारों को हिमाचल सरकार ने हेल्पलाइन-104 पर जानकारी देने को कहा है. इसके अलावा, शिमला के इन लोगों को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड में 2019-एनसीओवी का टेस्ट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं.
सूबे की राजधानी शिमला के 32, कांगड़ा के 20, सोलन के 18, सिरमौर के 15, ऊना के 14, हमीरपुर के 13, बिलासपुर 11, कुल्लू 08, मंडी 11 और चंबा के 03 लोगों की घर वापस हुई है.
मुख्य सचिव अनिल खाची ने बताया कि हिमाचल में अभी स्थिति सामान्य है. एक भी व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं है. एहतियात के तौर पर हिमाचल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बौद्ध धर्मगुरू दलाईलामा की शरणस्थली मैकलोड़गंज आने वाले लोगों की जानकारी सरकार के साथ साझा करें. मैकलोड़गंज में आउटपोस्ट स्थापित की गई है, जहां विदेशों से आने वाले लोगों का पंजीकरण होगा और जरूरत पड़ी तो जांच भी की जाएगी.104 हेल्पलाइन भी की गई एक्टिवेट
प्रदेश के सभी होटलियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विदेशों से आने वाले लोगों का पंजीकरण करें और उनसे एक डेक्लेरेशन लें कि वे कहां-कहां से होकर आएं हैं. अगर चीन या कोरोना प्रभावित देशों से आए हैं तो उनकी जांच होगी. आम लोगों को जारी एडवायजरी के तहत जो भी चीन या प्रभावित देशों से आए हैं और उन्हें हल्का बुखार कोरोना वायरस के लक्षण हैं तो उन्हें घर में ही आइसोलेट किया जाए. सरकार ने इसके लिए 104 हेल्पलाइन को एक्टिवेट किया है. उस पर कॉल करके लक्षण बता सकते हैं. डॉक्टरों की टीम घर पहुंचकर उनके सैंपल लेगी. जब तक सैंपल पॉजिटिव नहीं पाए जाते तब तक उन्हें अस्पताल शिफ्ट नहीं किया जाएगा, इसके लिए जिला स्तर पर सर्विलांस टीमें गठित की गई हैं.
कोरोना वायरस को लेकर प्रदेश स्तर पर रैपिड रिस्पोंस टीमें भी एक्टिव की गई हैं. एक एबुलेंस फुली इक्विप्ड की जाएगी, जिसके जरिए कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति को तुरंत बड़े अस्पतालों में पहुंचाया जा सके. प्रदेश सरकार के अधिकारी भारत सरकार के साथ निरंतर संवाद में रहेंगे, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में भारत सरकार की भी मदद ली जा सके.
हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल और मेडिकल कॉलेज आईजीएमसी शिमला समेत टांडा मेडिकल कॉलेज के अलावा, सूबे के दूसरे अस्पतालों में भी अलग से वॉर्ड स्थापित किए गए हैं. यहां पर मरीजों की जांच की जा रही है. बता दें कि हिमाचल से बड़ी संख्या में स्टूडेंट चीन में डॉक्टरी की पढ़ाई करते हैं.

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