बुुजुर्ग और परिवार सदस्यों के खाते से निकाले लाखों, अरेस्ट हुए बड़हरी के दंपति
March 27th, 2019 | Post by :- | 74 Views

यहां बुजुर्ग और इनके परिवार के खाते से लाखों की राशि धोखाधड़ी से निकालने के मामले में बड़हरी के दंपती राजकुमार और आभा शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। दंपति ने बुजुर्ग व उनके परिवार के कुल 21 लाख के करीब एफडीआर निजी बैंक में बनवाई थीं।

बुजुर्ग की मृत्यु के बाद जब उनकी पत्नी एवं रिटायर्ड टीचर और उनके बेटे ने इस पैसे को निकालना चाहा तो पाया कि इस पैसे को दंपति ने फ्रॉड कर निकाल लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी जमानत पर थे और उनको आरंभिक तौर पर पांच लाख शिकायतकर्ता के खातों में जमा करवाने थे, लेकिन आरोपियों ने यह राशि जमा नहीं करवाई। इस पर अब पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया है।

फ्रॉड का यह मामला कई साल पुराना है और लक्कड़ बाजार की रिटायर्ड महिला उमा भटनागर ने मई 2016 में इस बारे में पुलिस थाना सदर में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस की दी शिकायत में रिटायर्ड महिला टीचर ने कहा था कि टुटू के बड़हरी की आभा शर्मा उनकी स्टूडेंट रह चुकी है।

बाद में साल 2007 में आभा का फिर से उनसे संपर्क हुआ। आभा शर्मा ने बताया कि वह एक निजी बैंक में नौकरी करती है। इसके बाद महिला का आना-जाना भटनागर परिवार में शुरू हो गया। महिला ने अपने आपको बैंक का रेगुलर कर्मचारी बताया जबकि वह बैंक की सेल टीम से जुड़ी थी। महिला ने परिवार का भरोसा जीत लिया और उनके परिवार भी उसको बेटी की तरह मानने लगा।

शिकायतकर्ता के अनुसार दिसंबर 2014 में उनके पति के देहांत के बाद ही उनको पता चला कि आरोपी महिला ने उनके साथ फ्राड कर दिया है। पति के देहांत के बाद परिवार ने इस पैसे को ट्रांसफर करवाने की प्रक्रिया शुरू की तो बैंक वालों ने महिला से संपर्क करने को कहा। आरोप है कि जब इस महिला से संपर्क किया गया तो उसने कई तरह के बहाने बनाने शुरू कर दिए। बाद में कुछ चैक भी दिए जो कि बाउंस हो गए। इसके बाद रिटायर्ड टीचर ने पुलिस थाना में शिकायत दी थ जिसमें महिला आभा शर्मा और उनके पति राजकुमार पर धोखाधड़ी पर उनके खाते से करीब 21 लाख रुपए निकालने के आरोप लगाए गए हैं।

एसबीआई से निजी बैंक में शिफ्ट करवाए पैसे
रिटायर्ड टीचर ने अपनी शिकायत में कहा है कि आभा और इसके पति ने झांसा दिया कि उनके बैंक में सीनियर सिटिजन को ज्यादा ब्याज दिया जा रहा है। ऐसे में वह अपने पैसे उनके बैंक में करवाकर एफडी बनवा दें। आरोप है कि इसकी बात में आकर बुजुर्ग ने जुलाई 2008 में एसबीआई से करीब 3.90 लाख रुपए निकालकर इसके माध्यम से निजी बैंक में जमा करवा कर इसकी एफडीआर बनवा दी। लेकिन आरोप है कि महिला ने फ्रॉड चेक जारी कर अन्यों की मिलीभगत से निकाल दिया। 2009 में बुजुर्ग ने किसी अन्य बैंक में 1.12 लाख रुपए एफडीआर बनाने केे लिए आरोपी महिला को दिए। जुलाई 2011 में उन लोगों ने 75 हजार और कुछ समय बाद करीब 6.45 लाख एफडीआर बनाने को दिए। साल 2013 में उमा भटनागर के पति ने करीब 9.0 लाख रुपए आभा शर्मा को दिए। इस तरह 21 लाख के करीब की राशि एफडीआर बनाने के लिए दी गई।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।