छुट्टियों पर फैसला अब आचार संहिता के बाद
March 27th, 2019 | Post by :- | 85 Views

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वैकेशन में आचार संहिता के बाद बदलाव हो सकता है। सरकार ने छुट्टियों में बदलाव को लेकर संकेत दिए हैं। कहा जा रहा है कि शिक्षकों और उपनिदेशकों के सुझाव के बाद स्कूलों के अवकाश को लेकर कैलेंडर भी जारी हो सकता है। फिलहाल आचार संहिता तक सरकारी स्कूलों के लिए अवकाश का शेडयूल पहले जैसा ही रहेगा। शिक्षा विभाग ने ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव को लेकर आए सुझावों पर प्रदेश सरकार को मंगलवार को रिपोर्ट सौंपी। शिक्षा विभाग के निदेशक डा. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि शिक्षक संगठनों और जिला शिक्षा उपनिदेशकों की ओर से आए सुझावों पर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने अभी ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन स्कूलों की छुट्टियों में फिलहाल कोई भी बदलाव नहीं करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक ने बताया कि लोकसभा चुनावों के चलते अंचार संहिता हटने के बाद ही सरकारी स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव को लेकर सरकार फैसला लेगी। गौर रहे कि प्रदेश के स्कूलों में छुट्टियों में बदलाव को लेकर बीते दिनों उच्च शिक्षा निदेशक ने शिक्षक संगठनों और जिला शिक्षा उपनिदेशकों के साथ बैठक की थी।

इसमें ग्रीष्मकालीन स्कूलों में विंटर ब्रेक, स्प्रिंग ब्रेक, समर वैकेशन व फेस्टिवल ब्रेक और शीतकालीन स्कूलों  की विंटर वैकेशन, मानसून ब्रेक और फेस्टिवल ब्रेक को लेकर सुझाव दिए गए हैं। साथ ही स्कूलों की समयसारिणी को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट में सभी के सुझाव का विशेष ध्यान रखा है। सूत्रों की मानें तो आचार संहिता के बाद सरकार हर साल छुट्टियों को लेकर अलग से कैलेंडर भी जारी कर सकती है। अधिकतर शिक्षक संगठनों ने सरकार व शिक्षा विभाग को यह सुझाव दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकारी स्कूलों में  रिजल्ट के बाद दस दिन अवकाश के साथ त्योहारों में भी छात्रों को अवकाश दिया जा सकता है। इस मामले पर प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत का कहना है कि विभाग से प्रोपोजल आ गई है। वैकेशन पर तैयार किए गए प्रस्ताव को स्टडी किया जाएगा, उसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा, लेकिन यह फैसला आचार संहिता खत्म होने के बाद ही लिया जाएगा।

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