आजाद हिंद फौज के सिपाही मान सिंह का 107 साल की उम्र में निधन, सारी उम्र लगे खुद को साबित करने में
March 31st, 2019 | Post by :- | 113 Views

बरनाला जिले के हंडियाया में शनिवार को आजाद हिंद फौज के एक सिपाही का निधन हो गया। वह आजा हिंद फौज में पोस्टमैन थे। बताया जाता है कि उन्होंने अपनी सारी जिंदगी खुद को आजादी की लड़ाई का सिपाही साबित करने में गुजार दी। अब 107 साल की उम्र में मान सिंह का निधन हो गया, जिसके बाद सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार मान सिंह मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी के रहने वाले थे। कई साल पहले यहां हंडियाया में आकर बस गए थे। उनके पुत्र रमेश कुमार ने बताया कि उन्होंने आजाद हिंद फौज के अंदरूनी संचार संभाग में सेवाएं दी। उन्हें पोस्टमैन नंबर 216 के नाम से जाना जाता था। इसके बाद इटली, बर्मा और असम में भी सेवाएं दी। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंग्रेज सरकार ने उन्हें घर भेज दिया। इसके बाद वह सारी जिंदगी अपने आपको देश की आजादी के लिए लड़ी गई लड़ाई का सिपाही साबित करने में लगे रहे। सरकार ने कभी उन्हें स्वतंत्रता सेनानी नहीं मानकर सहूलियत नहीं दी। यह अलग बात है कि अंतर्राष्ट्रीय फाउंडेशन सेवा सिंह कृपाण बहादुर समेत बहुत सी समाजसेवी संस्थाओं ने कई बार उनको सम्मानित भी किया।

रमेश की मानें तो हार के बाद अंग्र्रेजों ने पूरा रिकॉर्ड कब्जे में ले लिया था, जिसके चलते उनके पिता के पास कोई सबूत नहीं था। फिर भी गांववासी और मित्रगण मानते थे कि मान सिंह आजाद हिंद फौज में रहे हैं। शनिवार को 107 साल की उम्र में मान सिंह का निधन हो गया। उनकी अंतिम यात्रा में कई सामाजिक और राजनैतिक संगठनों के प्रतिनिधियों समेत सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। प्रदेश के पूर्व मंत्री परमिंदर सिंह ढींडसा की तरफ से तरनजीत सिंह दुग्गल और प्रदेश कांग्रेस उप प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की तरफ से अश्वनी आशु ने भी मान सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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