निजी विद्यालयों की अपनी मनमानी करने से अविभावक हो रहे परेशान 
April 3rd, 2019 | Post by :- | 221 Views

स्कूल परिसरों में किताबें, कापियां, वर्दी, जूते सहित अन्य सामग्री पर रोक के बाद स्कूलों ने अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन से चिह्नित दुकानों से इसकी खरीद करने का नया धंधा शुरू कर दिया है। स्कूल प्रबंधक दुकानदारों के साथ सांठ-गांठ कर मोटा कमीशन खा रहे हैं।
स्कूलों में नए शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र 2019-20 में प्रवेश से ठीक पहले शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए है।ऐसे में अब शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधकों को चिह्नित दुकानों में पाठ्य सामग्री सहित अन्य सामान खरीदने के लिए बाध्य न करने के निर्देश जारी किए हैं।


उधर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने बताया कि स्कूलों में व्यावसायिक गतिविधियां न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में सभी स्कूलों को पत्र जारी किया गया है।

परन्तु इन्दौरा के निजी स्कूलों पर इन निर्देशों का कोई खास असर पड़ता नही दिख रहा है। अविभावकों द्वारा शिकायते की जा रही हैं जिसमें उन्होंने कहा कि इन्दौरा के कुछ निजी स्कूलो द्वारा स्कूल के अंदर ही किताबें, कापियां व वर्दियां दी जा रही है और सालाना फीस के नाम पर ठगी की जा रही है। अविभावकों ने बताया कि जब सरकार बोलती है कि निजी स्कूलों द्वारा ऐसी मनमानी पर लगाम लगाई गई है तो फिर यह निजी स्कूल कैसे कर रहे हैं अपनी मनमानी। क्या निजी स्कुलों को सरकार का कोई डर नहीं है या सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण यह सब काम हो रहा है।

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