2200 स्कूलों में अगले सत्र से लगेंगे इंसीनरेटर
February 1st, 2020 | Post by :- | 165 Views

प्रदेश के 2200 स्कूलों में आने वाले सत्र में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए इंसीनरेटर इंस्टॉल किए जाएंगे। ये इंसीनरेटर सीनियर सेकंडरी और हाई स्कूलों में लगाए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशालय ने जैम पोर्टल के माध्यम से करीब 2200 इंसीनरेटर खरीदने के लिए डिमांड भेजी है।

ऐसे में आने वाले सत्र में प्रदेश के लगभग 2200 स्कूलों में ये लगेंगे। गौर रहे कि शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों में भी सेनिटरी नेपकिन इंसीनरेटर इंस्टॉल करने के आदेश दिए गए हंै। सेनिटरी नेपिकन इंसीनरेटर इंस्टॉल न करने पर या शिक्षा विभाग को इसकी सूचना न देने पर शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूल की एनओसी रद कर दी जाएगी। शिक्षा विभाग की ओर से इस बारे में सभी जिलों के उपनिदेशकों को अधिसूचना जारी कर दी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सभी निजी स्कूलों में सेनिटरी नेपकिन इंसीनरेटर इंस्टॉल करवाना अनिवार्य है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर सेनिटरी नेपकिन इंसीनरेटर इंस्टॉल करने के आदेश जारी किए हैं।

गौर रहे कि शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों के प्रबंधक और संचालकों को बार-बार इस बारे में निर्देश जारी किए गए हैं। इसके बावजूद अभी तक निजी स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग को सेनिटरी नेपकिन इंसीनरेटर इंस्टॉल करने के बारे में कोई सूचना नहीं दी गई है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कहा है कि अगर निजी स्कूल सेनिटरी नेपकिन इंसीनरेटर इंस्टॉल नहीं करते हंै या इंस्टॉल करने के बाद शिक्षा विभाग को सूचित नहीं करते हैं, तो विभाग की ओर से स्कूल की एनओसी रद कर दी जाएगी।

200 स्कूलों में इंस्टॉल हो चुके हैं इंसीनरेटर

प्रदेश के ज्यादातर स्कूलों में जहां इंसीनरेटर इंस्टॉल किए जाने हैं, वहीं कुछ स्कूलों में इंसीनरेटर इंस्टॉल भी किए जा चुके हैं। प्रदेश में 200 के करीब स्कूलों में इंसीनरेटर इंस्टॉल किए जा चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश के कई स्कूलों में शिक्षा विभाग के आदेशों के बाद सोर्स सेग्रीगेशन भी शुरू कर दी गई है।

प्रदेश के सभी स्कूलों में इंसीनरेटर इंस्टॉल करना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने 2200 इंसीनरेटर के लिए जैम पोर्टल के माध्यम से डिमांड भेजी है। वहीं प्रदेश में 200 से अधिक स्कूलों में इंसीनरेटर इंस्टॉल भी किए जा चुके हैं।
डॉ. प्रमोद चौहान, संयुक्त शिक्षा निदेशक

 

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