कांगड़ा के एक शख्‍स के खिलाफ महिला उत्‍पीड़न के 8 जिलों में 25 मामले दर्ज, थानों में लगाए 26 नंबर रजिस्‍टर से हुआ खुलासा #news4
September 14th, 2022 | Post by :- | 131 Views

कांगड़ा : हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में एक शख्‍स ऐसा है, जिसके खिलाफ 25 यौन उत्‍पीड़न के मामले विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज हैं। पुलिस थानों में लगे 26 नंबर रजिस्टर में पाया गया कि जिला कांगड़ा के सिद्धपुर गांव का रहने वाला 40 वर्षीय अजय कुमार के खिलाफ महिलाओं के यौन उत्पीड़न के 25 मामले पंजीकृत हैं। उसके विरुद्ध ये मामले जिला कांगड़ा के अतिरिक्त जिला चंबा, मंडी, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन में भी पंजीकृत हैं। बताया जा रहा है कि यह आरोपित इंटरनेट मीडिया साइटों के माध्यम से महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था और कहता था कि वह फौजी है और कई आपत्तिजनक चित्रों को अपने पास रख लेता था, जिन्हें उनके रिश्तेदारों को भेजकर वायरल कर देने नाम पर पैसों की भी मांग करता था। कांगड़ा पुलिस ने इसे दबोच लिया है।

उसके विरुद्ध पहला अभियोग वर्ष 2007 में थाना कांगड़ा में पंजीकृत हुआ था। इसके बाद वर्ष 2012 में एक, 2013 में चार, 2014 में दो, 2015 में नौ, 2017 में दो, 2018 में तीन, वर्ष 2021 में दो और साल 2022 में एक मामला पंजीकृत किया है। वर्तमान में यह अपराधी एक अभियोग में कांगड़ा जिला की जेल में न्यायिक हिरासत में है।

क्‍या है रजिस्‍टर नंबर 26

हिमाचल प्रदेश के सभी पुलिस थानों में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों का एक नया रजिस्टर नंबर 26 शुरू किया गया है। यह रजिस्‍टर 26 नवंबर 2021 में लगाया गया है, इसमें विशेष रूप से महिला उत्‍पीड़न के मामले ही दर्ज होते हैं। रजिस्‍टर में अभी तक 4,028 यौन अपराधियों की सूचना दर्ज की गई है। इन यौन अपराधियों के विश्लेषण से 24 ऐसे अपराधी भी पाए गए हैं, जो बार-बार महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने में संलिप्त रहे हैं।

यह बोले पुलिस अधीक्षक कांगड़ा

जिला कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक डा. खुशहाल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने 26 नंबर रजिस्टर लगाया है। ऐसे आरोपितों की पड़ताल की गई है और आरोपितों की धरपकड़ की गई है। सिद्धपुर का एक व्यक्ति गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ 25 मामले महिला उत्पीड़न के दर्ज हैं। अब आरोपित न्यायिक हिरासत में है।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।