दिल्ली के एम्स में भर्ती महिला 400 किमी. का सफर करके वोट डालने हिमाचल पहुंचीं
May 19th, 2019 | Post by :- | 111 Views

दिल्ली के एम्स में इलाज करा रही एक महिला ने लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। हिमाचल के हरिपुरधार की रहने वाली यह महिला करीब 400 किलोमीटर का सफर करके दिल्ली से हरिपुरधार पहुंचीं। वहां पहुंचकर अपना वोट डाला और वापस दिल्ली लौट आईं।

महिला का नाम कमला देवी है। एक साल से वह एम्स में हार्ट का इलाज करा रही हैं। रविवार (19 मई) को यहां वोटिंग थी। ऐसे में कमला देवी के मन में वोट डालने की इच्छा हुई। उन्होंने अपनी इस इच्छा के बारे में पति को बताया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। कारण था बीमारी की हालत में 400 किलोमीटर का सफर उसकी सेहत के लिए ठीक नहीं।

हालांकि, कमला देवी वोट डालने की अपनी जिद पर अड़ गई। इसके बाद पति ने वोट डालने की अनुमति दी। वोट डालने के बाद कमला देवी ने कहा कि देश में लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान अनिवार्य है। पांच साल के बाद हमें पसंदीदा सरकार को चुनने का अवसर प्रदान होता है। इसलिए वह इस मौके को किसी भी कीमत पर नही खाेना चाहती थीं।

कमला देवी 2015 से हार्ट की पेशेंट है। 2015 में आईजीएमसी शिमला में इलाज हुआ। लेकिन, दो सालों बाद उनकी तबियत फिर बिगड़ गई। परिजन जनवरी 2018 में उन्हें इलाज के लिए पीजीआई चड़ीगढ़ ले गए। डॉक्टरों ने उन्हें  दिल्ली एम्स रेफर किया गया।

एम्स में डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट ट्रांसप्लांट ही इलाज एकमात्र उपाए है। उसके बाद जून 2018 में हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए उन्हें दिल्ली स्थित एम्स ले जाया गया। एम्स में दो बार हार्ट ट्रांसप्लांट का डॉक्टरों ने प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। ऐसे में फिलहाल उनका इलाज वहां चल रहा है।

बेटा एसडीएम बना तो जगी हिम्मत

कमला देवी के बेटे विश्वमोहन चौहान दो महीने पहले ही एसएसए की परीक्षा पास करके एसडीएम बने हैं। बेटे के एसडीएम बनने के बाद कमला देवी को जैसे संजीवनी मिल गई। वह काफी खुश रहती है। सेहत में भी अब काफी सुधार देखने को मिल रहा है।

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