गणित-भाषा में हिमाचल के छात्र देश में नंबर वन
February 18th, 2019 | Post by :- | 220 Views

शिमला —हिमाचल के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र हिसाब के सवाल और भाषा ज्ञान में देश भर में नंबर वन है। यह खुलासा प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों में किए गए असर सर्वे में हुआ है।

इस सर्वे में बताया गया है कि देश भर के सरकारी स्कूलों में भी छात्रों को भाषा का इतना अच्छा ज्ञान नहीं है, जितना की हिमाचल के छात्रों को है। सर्वे रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के छात्र भाषा का ज्ञान होने की वजह से शब्दों को असानी से बोल और लिख भी सकते हैं। बता दें कि शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने असर द्वारा देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की स्कूली शिक्षा और प्रतिनिधि नमूनों पर आधारित सर्वेक्षण रिपोर्ट एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेश रिपोर्ट रूरल हिमाचल प्रदेश 2018 को जारी किया। जानकारी के अनुसार सर्वेक्षण में पाया गया कि हिमाचल प्रदेश में पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थी भाषा व गणित में देश भर में उच्च स्थान पर हैं और हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का सीखने का स्तर लर्निंग लेवल निजी स्कूलों से बेहतर है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्रदेश के 99.7 प्रतिशत स्कूलों में शौचालय सुविधा है और 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों का स्कूलों में नामांकन प्रतिशत 99.6 प्रतिशत है। सर्वेक्षण में प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के समझने के स्तर को भले ही देश भर के बाकी स्कूलों से बेहतर बताया हो, लेकिन इस बात को भी नहीं भुलाया जा सकता कि प्रदेश के दस फीसदी छात्र अभी भी आठवीं का पाठ नहीं पढ़ पा रहे हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस सर्वेक्षण रिपोर्ट की सराहना की है। वहीं शिक्षा विभाग को निर्देंश दिए हैं कि सरकारी शिक्षा को और सुदृढ़ बनाया जाए। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत निदेशक शिक्षा डा. अमरजीत शर्मा असर के निदेशक डा. विलियम वाधवा और प्रथम के सीईओ डा. रुकमणि बेनर्जी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के ग्रामीण स्कूलों की शिक्षा के स्तर को जांचने के लिए असर रिपोर्ट दो माह पहले आ गई थी। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों से ज्यादा शिक्षक स्कूल पहुंचे हैं। सर्वेक्षण में रिपोर्ट में सरकारी स्कूलों में छात्रों के जीवन शैली से जुड़े सवालों को भी पूछा गया।

प्रदेश की एनुअल रिपोर्ट को जारी करते हुए अधिकारियों द्वारा बताया गया कि हिमाचल में छात्रों को जीवन के पहलुओं से लड़ना और कठिन परिस्थतियों में उन्हें क्या करना चाहिए, इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। बता दें कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में बेशक छात्रों की एनरोलमेंट ज्यादा बढ़ने की बात कही गई होगी, साथ ही यह भी बताया गया है कि एक साल में छात्राओं की एनरोलमेंट कुछ प्रतिशतता में कमी आई है।

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