तीन गांव के 40 परिवार पेजयल समस्या से हो रहे परेशान, नाले का पानी पीने को मजबूर
January 18th, 2023 | Post by :- | 31 Views

बिलासपुर : हिमाचल प्रदेश में पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है। श्रीनयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के तहत पड़ने वाली नकराणा पंचायत के तीन गांवों के लोग पिछले एक महीने से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। पिछले एक महीने के दौरान कोठी, हरियाली और कोटलू गांवों के लोगों ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के पास कई बार पेयजल समस्या को हल करने की गुहार लगाई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इसके बावजूद भी उनकी इस समस्या का हल करने की जहमत नहीं उठाई।

समस्या का नहीं हो रहा समाधान

कोठी, हरियाली और कोटलू गांवों के लोगों ने पेयजल की समस्या को लेकर विभाग में शिकायत भी की, लेकिन इसका अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है। विभागीय अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से खिन्न हुए तीनों गांवों के लोगों ने 75 किलोमीटर का रास्ता तय कर जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त के छुट्टी पर होने के चलते अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन के माध्यम से आप बीती सुनाई। अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर गांव वालों ने अपनी समस्या का समाधान करने की गुहार लगाई।

नाले का पानी पी रहे लोग

पेयजल आपूर्ति न होने पर नाले का पानी पी रहे लोग। ज्ञापन में ग्रामीणों रूमाल सिंह, बचन सिंह, रामलाल, मदन लाल, हरि राम, रणजीत सिंह, छोटू राम, कालू राम, बलविंद्र सिंह, अमरनाथ, रामपाल, सुरजीत व बंसी राम ने कहा है कि उनके गांवों के लिए टरवाड़ से पेयजल की आपूर्ति की जाती रही है। पिछले 30 वर्षों से ग्रामीणों को इसी पेयजल योजना से पानी आता रहा है और इस अवधि के दौरान वे पानी के बिल देते आए हैं।

30 सालों से हो रही सप्लाई को पिछले एक महीने से रोक दिया गया है। पानी की आपूर्ति बंद होने से तीन गांव के करीब 40 परिवारों को पेयजल समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांवों में पानी का प्राकृतिक स्रोत नहीं है।इस कारण उन्हें साथ लगते नाले से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। इसके लिए करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। उनका अधिकांश समय पानी की व्यवस्था करने में ही बीत जाता है। एक महीना पहले जल शक्ति विभाग के कनिष्ठ अभियंता को इस समस्या के बारे में बताया गया था लेकिन आज तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

पेयजल योजना में पर्याप्त पानी मौजूद

ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल योजना के स्रोत में पानी की कमी नहीं है। मरम्मत के अभाव में समस्या उत्पन्न हुई है। स्रोत की मरम्मत के लिए केवल तीन बोरी सीमेंट ही लगेगी। विभाग द्वारा समस्या का समाधान नहीं करने के कारण उन्हें 75 किलोमीटर की दूरी तय करके जिला मुख्यालय आना पड़ा।नालों का पानी पीने योग्य नहीं है। इससे भविष्य में उनके गांवों में कभी भी कोई जल जनित रोग फैल सकता है।

अतिरिक्त उपायुक्त से स्वयं मौके का निरीक्षण करके समस्या के समाधान की गुहार लगाई है। वहीं अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग चंद्र शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन पर एसडीएम नयनादेवी को मौके पर जाकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।