स्पीति में बर्फ में दबे नौ लोग, जवानों का सुराग नहीं
February 26th, 2019 | Post by :- | 339 Views

रिकांगपिओ। किन्नौर जिला के नामज्ञा डोगरी में लापता जवानों को ढूंढने के लिए सेना सहित आईटीबीपी का सर्च अभियान सातवें दिन भी जारी रहा। यह अभियान सोमवार सुबह सात बजे शुरू हुआ, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल पाई। गौर रहे कि 20 फरवरी को नामज्ञा डोगरी के पास आर्मी के छह जवान पेट्रोलिंग के दौरान ग्लेशियर की चपेट में आ आए थे। इस हादसे में एक जवान राकेश कुमार जिला बिलासपुर शहीद हो गया, जबकि अन्य पांच जवानों की तलाशी अभियान जारी है। एडीएम पूह शिव मोहन का कहना है कि सोमवार को 275 जवान सर्च ऑपरेशन में शामिल रहे। सोमवार को बर्फ काटने और ड्रिलिंग के लिए विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। लापता सेना के जवानों को ट्रेस करने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।

मरीज को रेस्क्यू करने जा रही टीम आई हिमधाव की चपेट में

केलांग —स्पीति में सोमवार को हिमधाव गिरने से नौ लोग बर्फ में दफन हो गए। इसके बाद करीब पांच घंटे चले सर्च आपरेशन के बाद बर्फ में दबे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हालांकि इस घटना में रेस्क्यू टीम में शामिल एक डाक्टर को सिर पर गहरी चोट लगी है, जिनका उपचार काजा अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा एक पुलिस जवान व पटवारी सहित एक स्थानीय युवक भी हिमधाव में दबने के कारण घायल हुए हैं। एडीसी काजा विक्रम नेगी ने बताया कि सोमवार सुबह प्रशासन को सूचना मिली कि स्पीति के काती गांव में एक व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्रशासन ने नौ सदस्यीय रेस्क्यू टीम का गठन किया, जिसमें एक डाक्टर, एक पटवारी, कुछ पुलिस जवानों सहित स्थानीय युवक शामिल थे। रेस्क्यू टीम जब काती गांव की पहाड़ी पर चढ़ रही थी, तो अचानक पहाड़ी के ऊपर से बर्फ खिसकी और देखते ही देखते एक बड़े हिमधाव की जद में रेस्क्यू टीम आ गई। महज तंद मिनटों में ही हिमधाव टीम को अपने साथ करीब 100 मीटर तक बहा ले गया। रेस्क्यू टीम के दो सदस्य इस दौरान हिमधाव के मलबे से बाहर निकलने में कामयाब हो गए और उन्होंने इस हादसे की सूचना प्रशासन को दी। हिमधाव में रेस्क्यू टीम के सदस्यों के जिंदा दफन होने की सूचना मिलते ही स्पीति प्रशासन की सांसें फूल गई और काजा से एक और टीम को घटना स्थल के लिए भेजा गया। एडीसी काजा विक्रम नेगी खुद मौके पर पहुंचे और पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हिमधाव में दबे रेस्क्यू टीम के सदस्यों को सुरक्षित मलबे से बाहर निकाला गया। इस घटना में डा. जामपा को सिर पर गंभीर चोट लगी है और उन्हें काजा अस्पताल में भर्ती किया गया है, वहीं एक पुलिस जवान व एक पटवारी भी घायल हुए हैं। एसडीएम काजा जीवन सिंह नेगी ने बताया कि रेस्क्यू टीम के सदस्यों को काजा अस्पताल में रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम को ध्यान में रख ही घरों से बाहर निकालें। उन्होंने बताया कि जिस मरीज को रेस्क्यू टीम काती गांव में रेस्क्यू करने जा रही थी, उसे भी काजा पहुंचा दिया गया है।

मौसम खुलने के बाद ही आएं

जिला प्रशासन ने खराब मौसम को ध्यान में रख लाहुल-स्पीति आने वाले सैलानियों से अपील की है कि बर्फबारी के चलते सैलानी सुरक्षित स्थलों पर ही रहें। आगामी दो दिनों तक घाटी में मौसम खराब रहने की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है। ऐसे में प्रशासन ने भी सैलानियों से घाटी का रुख न करने की अपील की है।

फंसे सैलानियों को भी निकाला

सोमवार को मौसम के थमते ही स्पीति प्रशासन ने घाटी के विभिन्न स्थलों पर फंसे सैलानियों को सुरक्षित निकाल कर किन्नौर भेज दिया है। एडीसी काजा विक्रम नेगी ने बताया कि हाल ही में घाटी में हुए भारी बर्फबारी के बीच सैलानी यहां फंस गए थे, जिन्हें सड़क बहाल होते ही प्रशासन ने सुरक्षित किन्नौर पहुंचा दिया है।

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