प्रदेश में 1203 लोक अदालतों में 61 हजार 385 मामलों का निपटारा
September 7th, 2019 | Post by :- | 138 Views

मंडी, 07 सितम्बर: माननीय उच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायमूर्ति एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष धर्मचन्द चौधरी ने बग्गी में विधिक जागरूकता शिविर एवं पौधा रोपण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आर्थिक दृष्टि से गरीब, पिछड़े, कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति -जनजाति, महिलाओं व असहाय बच्चों, बूढ़े माता पिता को भरण पोषण का सहारा न मिले या वे अपने कानूनी अधिकारों का प्रयोग करने में असमर्थ हैं तो ऐसे व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता व कानूनी शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण हमेशा प्रयासरत है और उन्हें मुफत कानूनी सहायता के तहत विभिन्न सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि संविधान की धारा 39 ए के तहत न्याय सबको मिले यही इस शिविर का और प्राधिकरण का मकसद है। 1987 में विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन हुआ और इसमें तीन लाख रूपये तक जिनकी वार्षिक आय है उन्हें कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। महिलाओं, दलित, अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए कोई भी फीस व आय की सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल के हर गांव व पंचायत में विलेज लीग्ल केयर एण्ड स्पोर्ट काउंटर खोले गए है। जिला व उपमण्डल स्तर पर फ्रंट आफिस खोले गए हैं।
उन्होंने कहा प्रदेश में लोक अदालतों का प्रचलन बढ़ा है और उसके बेहतरीन परिणाम भी आए हैं। इस वर्ष अभी तक प्रदेश में 1203 लोक अदालतें लगाई गई जिसमें एक लाख 36 हजार 46 मुकदमें दर्ज किए गए और उसमें 61 हजार 385 का निपटारा किया गया। प्रदेश में मध्यस्थता कार्यक्रम भी चलाया गया है जिसे उच्च न्यायालय के बाद निचली अदालतों में भी सुदृढ़ किया जा रहा है। स्कूलों में लैशन इन लॉ कार्यक्रम चलाया जा रहा है जिसमें संविधान के तहत आपके कर्तव्य क्या हैं के बारे जानकारी दी जाती है। इसके तहत स्कूली बच्चों को पुस्तकें भी वितरित की जाती है।
उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश का युवा नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है जिसके निदान के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, वन विभाग, होम गार्ड, शिक्षा और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पौध रोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया । विधिक जागरूकता शिविर से पूर्व उन्होंने माता शिकारी मन्दिर परिसर चैल चौक, घरवासड़ा और बीबीएमबी कॉलोनी में देवदार, जामुन, आंवला, आडू और पीपल का पौधा रोपित किया।
जिला एवं सत्र न्यायधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आर0के0शर्मा ने मुख्यतिथि का स्वागत किया और इस अवसर पर शिविर के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजन गुप्ता ने लोगों से आहवान् किया कि उपभोक्ता के अधिकारों का अध्ययन करें और किसी भी चीज का क्रय करते वक्त उसी जांच परख अवश्य करें।
जिला एवं सत्र न्यायधीश (फैमली कोर्ट) बहादुर सिंह ने कहा कि शिविर का तात्पर्य तभी सार्थक हो पाएगा जब इसका फायदा सबसे गरीब और सबसे पीछे रहने वाले व्यक्ति तक पहुंच पाए।
पुलिस अधिक्षक गुरदेव शर्मा ने मादक द्रव्यों के दुरूपयोंग पर चर्चा करते हुए कहा कि नशे जैसी बुराई हम सब के लिए बडी चुनौती है और युवा दिन प्रतिदिन इसमें फंसते जा रहे। जिला में नशा निवारण समितियों का गठन किया गया है जिसमें महिला मण्डलों और पंचायतों को शामिल किया गया है जिससे इसकी रोकथाम के लिए बल मिल रहा है।
इस मौके पर अतिरिक्त प्रधान, मुख्य अरण्यपाल एच0एस0 डोगरा ने पर्यावरण सम्बन्धी योजनाओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण गौरव महाजन, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी श्रवण मांटा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
अरण्यपाल उपासना पटियाल ने कार्यक्रम की सफलता के लिए मुख्यतिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बग्गी के प्राचार्य ने अखण्ड शिक्षा ज्योति-मेरे स्कूल से निकलें मोती योजना के तहत बग्गी स्कूल में पढ़े अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश अपर्णा शर्मा को शॉल, टोपी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश अमरनाथ शर्मा, हंस राज, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण असलम बेग सहित विभिन्न न्यायिक अधिकारी, बार ऐसोसिएशन के पदाधिकारी, कमाण्डेण्ट होम गार्ड संजीव लखनपाल, प्रधान ग्राम पंचायत बग्गी अंजू देवी, प्रधान ग्राम पंचायत नलसर विनोद ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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