ट्रान्सफर पोलिसी की उड़ाई धज्जियां, विधवाओं का नियमों को ताक पर रखकर किया तबादला
March 5th, 2019 | Post by :- | 273 Views
हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन हेमसा सम्बंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल कल 6 मार्च को शिक्षा सदन पंचकू ला पहुंचकर महानिदेशक से मुलाकात करेगा। यह जानकारी हेमसा प्रांतीय अध्यक्ष शर्मिला हुड्डा ने आज यहां दी।
  उन्होंने बताया कि शिक्षा सदन में बैठे आला अधिकारी नियमों को ताकपर रखकर मनमानी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा मनाई गई स्थानातंरण नीति की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। विधवा महिला, लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानातंरण नीति के मुताबिक विधवा महिलाओं का स्थानांतरण नहीं किया जा सकता, लेकिन अधिकारियों द्वारा विधवा महिलाओं का भी एक जिले से दूसरे जिलें में स्थानांतरण किया जा रहा है। जब महिला कर्मचारी अपनी फरियाद व स्थानांतरण नीति का उदाहरण देकर आला अधिकारियों से मुलाकात करते हैं तो केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। विधवा महिला अपना दुखड़ा रोने जाये तो जाये कहा कोई किसी प्रकार की सुनवाई नहीं की जा रही है। शर्मिला हुड्डा ने बताया कि शिक्षा विभाग  फील्ड में कार्यरत लिपिक वर्गीय कर्मचारियों का लगातार 30 साल की सेवापरांत भी कोई पदोन्नति नहीं की जा रही है। सहायक, आंकड़ा सहायक, उपाधीक्षक, अधीक्षक के 50 प्रतिशत से ज्यादा पद वर्षों से खाली पड़े हैं पदोन्नतियां नहीं की जा रही  है। जब कर्मचारी आंदोलन करता है तो पदोन्नति मामले मांग लिये जाते हैं, लेकिन पदोन्नति की नहीं जाती , मजबूरन विभाग की कार्यप्रणाली का शिकार होकर उसी पद से लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को सेवानिवृत होना पड़ रहा है।
लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यहार किया जा रहा है। अन्य विभागों में काम करने वाले लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को मात्र 5 साल के बाद पदोन्नति का अवसर मिल जाता है। शिक्षा विभाग के ही राज्य मुख्यालय पर कार्यरत लिपिक कर्मचारी भी 8 से 10 साल नौकरी करने के बाद सहायक बन जाता है तथा 30 साल नौकरी करने के बाद सहायक निदेशक राजपत्रित अधिकारी बन जाता है लेकिन फील्ड के कार्यालयों/विद्यालयों में ऐसा नहीं है। पदोन्नति फाईल भी शिक्षा सदन में धूले फंाक रही है कोई सुनवाई नहीं की जा रही। विभागीय कार्य समय पर करना, पदोन्नति, वरिष्ठता सूची अपडेट करना, नए पद स्वीकृत करना तो दूर की बात है। मुख्यालय में बैठे अधिकारी फील्ड के लिपिक कर्मचारियों से बातचीत तक करना उचित नहीं समझते। इसलिए संगठन ने फैसला लिया है कि महानिदेशक के साथ मुलाकात कर तमाम मांगपत्र पर विस्तृत चर्चा के साथ अवगत करवाया जाएगा ताकि लिपिक वर्गीय कर्मचारियेां के मांगोंं व समस्याओं का समाधान किया जा सके।

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