कोरोना संक्रमित एक मरीज 30 दिन में इतने लोगों में फैला सकता है महामारी, जानकर रह जाएंगे दंग
April 7th, 2020 | Post by :- | 190 Views

केंद्र सरकार के मंत्रालयों की ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोरोना वायरस (coronavirus) को लेकर सरकार ने एक बार फिर लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग पर जोर दिया है. केंद्र सरकार ने एक रिपोर्ट का हवाला दिया है कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन न होने पर कोरोना का एक संक्रमित व्यक्ति लगभग दो सौ गुना संक्रमण फैला सकता है.

देशभर में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं. केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से इससे निपटने की कोशिशें जारी हैं लेकिन एक बात कॉमन है जिसपर हर कोई जोर दे रहा है. इस महामारी से बचने का सबसे कारगर और बड़ा उपाय लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग ही है क्योंकि लोग अगर इसे नही फॉलो करते हैं तो इसके भयानक परिणाम सामने आ सकते हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने एक संस्था और आईसीएमआर की एक स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि एक इन्फेक्टेड व्यक्ति तीस दिन में 406 लोगों को इन्फेक्ट करेगा और यदि वह सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन का पालन करता है तो 1 व्यक्ति ढाई लोगों को ही इन्फेक्ट कर सकता है.

कई राज्य सरकारों ने लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की है. बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों से कहा गया कि 21 दिन का निर्धारित लॉकडाउन बढ़ाने की जरूरत है. केंद्र सरकार भी इस पक्ष में दिख रही है कि फिलहाल सरकार के पास कोई दूसरा बड़ा रास्ता नहीं है. लेकिन ये फैसला तथ्यों के आधार पर किया जाएगा.

वहीं सरकार ने कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए उन्हें तीन कैटेगरी में बांट दिया है. पहली में वो मरीज होंगे जिनमें कोरोना के लक्षण दिखाई देंगे. दूसरी कैटेगरी में मरीज को अस्पताल या फिर हेल्थ केयर सेंटर में एडमिट करके इलाज किया जाएगा. तीसरी कैटेगरी में वो मरीज होंगे जिनकी हालत नाजुक होगी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईसीएमआर की तरफ से रमन और गंगाखेड़कर ने बताया कि अब तक आईसीएमआर की लैब में एक लाख सात हजार छह टेस्ट किए गए हैं, सरकार की 144 लैब देशभर में काम कर रही हैं. वहीं गृह मंत्रालय की तरफ से पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि सभी लोग लॉकडाउन का ठीक तरह से पालन कर रहे हैं और समय-समय पर जरूरी निर्देश राज्यों को दिए जा रहे हैं.

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