हिमाचल को कोरोना वायरस मुक्त बनाने के लिए इस दिन से शुरू होगा बड़ा अभियान
March 31st, 2020 | Post by :- | 525 Views
हिमाचल सरकार हिमाचल को कोरोना मुक्त बनाने के लिए अब बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि एक अप्रैल से एक्टिव केस फाइंडिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों को कोविङ-19 के लक्षणों की जानकारी देंगी। इस अभियान के तहत दो-दो लोगों की टीमें हर व्यक्ति के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी लेंगी और गूगल फार्म से विभाग के साथ साझा करेंगी। इसके लिए आशा वर्करों की मदद ली जाएगी। यह अभियान प्रतिदिन सुबह 9 से शाम के 4 बजे तक चलेगा। मुख्यमंत्री ने सोमवार को प्रदेश के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करते हुए निर्देश दिए कि कोविड-19 वायरस संक्रमण के दृष्टिगत कुछ होटलों, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं को चिह्नित किया जाए, जहां लोगों को बेहतर सुविधाओं के साथ क्वारंटीन किया जा सके।

वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान ने कहा कि 60 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों से अनुरोध किया गया है कि वे घर पर ही रहें व घर में आगंतुकों को मिलने से बचें। ऐसे व्यक्ति अपनी दैनिक निर्धारित दवाइयां नियमित रूप से लें। अस्पताल आने से बचें और फोन पर ही डॉक्टर से सलाह लें।
212 लोगों की कोविड-19 को लेकर जांच की
कोरोना के चलते प्रदेश में अब तक 3085 में से 937 लोगों ने 28 दिन की जरूरी निगरानी अवधि को पूरा कर लिया है। अब तक प्रदेश में 212 लोगों की कोविड-19 को लेकर जांच की जा चुकी है। यह जानकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 लोगों के टांडा में कोविड-19 के प्रति नमूने लिए गए। सभी की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पाई गई है। शिमला में लिए गए तीन लोगों के नमूनों की रिपोट भी नेगेटिव आई है।

तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों को एक माह का सेवाविस्तार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्वारंटीन केंद्रों में रखे गए लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाए और इन केंद्रों में सामाजिक दूरी बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संकट की इस घड़ी में पूर्ण समर्पण के साथ बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए डॉक्टरों, नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ और स्वच्छता कर्मियों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने लोगों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए उपायुक्तों को होम डिलीवरी प्रणाली पर विशेष ध्यान देने को कहा। क्योंकि इससे समुचित सामाजिक दूरी बनाए रखने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को उनके घरों के समीप आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाने के लिए पंचायती राज संस्थानों को शामिल किया जाए। उन्होंने स्वयंसेवियों का भी आह्वान किया कि लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने के लिए आगे आएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरों को देखते हुए तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को एक माह का सेवावस्तार दिया है, जो 31 मार्च, 2020 को रिटायर हो रहे हैं। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने सोमवार को आदेश भी जारी कर दिए हैं। ये तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रदेश से विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन आदेशों में कहा गया है कि कोरोना को देखते हुए इनकी 30 अप्रैल तक सेवाएं जारी रहेंगी।

बागवानी निदेशक को तीन महीने का सेवाविस्तार
सरकार ने 31 मार्च को रिटायर हो रहे बागवानी निदेशक मदन मोहन शर्मा को 30 जून तक सेवा विस्तार दिया है। हिमाचल प्रदेश एपिडेमिक डिजीज रेगलेशन के क्लाज 3 के तहत यह सेवाविस्तार दिया गया है।

हिमाचल भवन नई दिल्ली में नियंत्रण कक्ष स्थापित

दिल्ली में हिमाचल प्रदेश सरकार के उपआवासीय आयुक्त विवेक महाजन ने सोमवार को जानकारी दी कि दिल्ली-एनसीआर में फंसे प्रदेश के लोगों की सहायता के लिए हिमाचल भवन नई दिल्ली में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जो रात-दिन कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि इस नियंत्रण कक्ष में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक दूरभाष संख्या 011-23716574, 23711964 और 24105386 पर संपर्क किया जा सकता है। शाम पांच बजे से सुबह 10 बजे तक हेल्पलाइन नंबर 011-23716124-27 और 011-24105386-88 पर संपर्क किया जा सकता है।

विवेक महाजन ने कहा कि हिमाचल चैप्टर सृजित किया गया है, जिसमें प्रदेश के विशिष्ट नागरिक और गैर सरकारी संस्थाएं शामिल हैं, जो दिल्ली एनसीआर में फंसे अपने-अपने क्षेत्रों के लोगों की सहायता करने लिए आगे आए हैं।

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