दिल्‍ली में कांग्रेस की सदस्‍यता लेकर रघुवीर बाली के साथ गगल एयरपोर्ट पहुंचे सुरेंद्र काकू का जोरदार स्‍वागत #news4
September 7th, 2022 | Post by :- | 89 Views

धर्मशाला : भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए सुरेंद्र काकू कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव रघुवीर सिंह बाली के साथ गगल हवाई अड्डे पर उतरे। यहां पर रघुवीर सिंह बाली व सुरेंद्र काकू का भव्य स्वागत हुआ। गगल हवाई अड्डे में कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद, जानू जिंदाबाद, जानू का स्वागत है, सुरेंद्र काकू का स्वागत है। काकू आगे बढ़ो हम तुम्हारे साथ हैं के नारे भी खूब लगे। कई कांग्रेस कार्यकर्ता रघुवीर सिंह बाली व सुरेंद्र काकू के स्वागत को जुटे। इस मौके पर युवाओं सहित महिलाओं की संख्या अधिक रही। गगल हवाई में रघुवीर सिंह बाली व सुरेंद्र काकू के पहुंचने से पहले ही महिलाएं व कार्यकर्ता भारी संख्या में यहां पहुंच चुके थे। दोनों नेताओं ने हवाई अड्डे से बाहर आते ही जनता अभिवादन स्वीकार किया। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता  विप्लव ठाकुर भी साथ मौजूद रही। जिला युवा कांग्रेस ने रघुवीर सिंह बाली व सुरेंद्र काकू का स्वागत किया।

सुरेंद्र काकू ने थामा हाथ, स्वागत, जनता निर्णायक

सुरेंद्र काकू ने फिर से कांग्रेस का हाथ थामा है। आज सुरेंद्र काकू, रघुवीर सिंह बाली के साथ गगल हवाई अड्डा पहुंचे हैं जहां उनका स्वागत हुआ है। कांग्रेस को काकू के आने से कांगड़ा में कितनी मजबूती मिलती है और कितनी नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन अभी तो सिर्फ इतना है कि पवन काजल कांग्रेस छोड़ भाजपा में और सुरेंद्र काकू भाजपा को छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए हैं। सिर्फ नेताओं ने अपने दल बदले हैं। अब जनता पर निर्भर करेगा वे किसके साथ है।

यह बोले सुरेंद्र काकू

रोजगार का सूखा है, रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कार्य करें। जनता के लिए काम करेंगे। लोगों के जो काम नहीं हुए वह सारे काम करवाएंगे। सभी को साथ लेकर चलेंगे।

यह बोले रघुवीर सिंह बाली

चौधरी सुरेंद्र काकू कांग्रेस के स्तंभ रहे हैं, उनकी यह घर वापसी है। कांग्रेस के सिपाही है। राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने के लिए,सोनिया गांधी के हाथ मजबूत करने के लिए सुरेंद्र चौधरी काकू ने कांग्रेस का दामन थामा है। इनकी जीत एक तरफा होगी।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।