गौरव पट्ट नहीं लगाने वाले प्रिंसिपलों की एसीआर होगी खराब, निदेशालय ने बरती सख्ती
August 9th, 2019 | Post by :- | 183 Views

हिमाचल सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती को अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिलने पर निदेशालय सख्त हो गया है। अभी तक योजना के तहत स्कूलों में गौरव पट्ट नहीं लगाने वाले प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों की एसीआर में इस लापरवाही का उल्लेख किया जाएगा।

उच्च शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को सभी जिलों के उपनिदेशकों को इस बाबत पत्र जारी करते हुए कहा कि स्कूलों में सरकार के आदेशों का सही से पालन नहीं हो रहा है। निदेशालय ने सभी स्कूलों से एक सप्ताह के भीतर गौरव पट्ट लगाने की नवीनतम रिपोर्ट मांगी है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की इनरोलमेंट बढ़ाने और अभिभावकों में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास जताने के लिए अखंड शिक्षा ज्योति मेरे स्कूल से निकले मोती योजना को बीते साल शुरू किया था।

इसके तहत सरकारी स्कूलों से पढ़कर वर्तमान में समाज में किसी सम्मानजनक स्थान पर पहुंचे व्यक्तियों से आज के विद्यार्थियों को अवगत करवाने के लिए स्कूलों में गौरव पट्ट लगाए गए हैं।

पहले सरकार ने गौरव पट्ट पर नाम लिखवाने के लिए पांच हजार रुपये देने की शर्त रखी थी, लेकिन कम लोगों के आने के चलते इस शर्त को भी हटा दिया है। बावजूद इसके योजना को अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिल रही है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि योजना का अनुपालन सरकार के निर्देशों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। इस कारण योजना को निचले स्तर में आशातीत सफलता प्राप्त नहीं हो रही है।

उन्होंने सभी जिला उपनिदेशकों को आदेश देते हुए कहा कि सभी स्कूलों में गौरव पट्ट का स्थापित करना सुनिश्चित किया जाए। गौरव पट्ट में दर्ज विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त हस्तियों के नाम की नवीनतम स्थिति स्कूलवार निदेशालय भी भेजी जाए।

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