शिमला में मुनाफाखोरों पर प्रशासन की कार्रवाई
April 7th, 2020 | Post by :- | 230 Views

शहर में सब्जी से लेकर फलों के तय दाम से ज्यादा वसूलने पर प्रशासन ने मंगलवार को कार्रवाई की। इस दौरान आठ दुकानदारों के चालान भी काटे गए। लोअर बाजार से लेकर सब्जी मंडी तक सभी फल और सब्जी विक्रेताओं के पास प्रशासन की टीम ने सब्जी और फल के दाम की जांच की। इस दौरान कई दुकानों में प्रशासन की ओर से तय दाम से ज्यादा वसूलने के मामले सामने आए।

एसडीएम शहरी नीरज चांदला की अगुआई में टीम ने लोअर बाजार से लेकर सब्जी मंडी में जाकर जब दाम खंगाले तो लोगों से ज्यादा दाम वसूलने के मामले सामने आए। पपीते का दाम 70 रुपये प्रति किलो तय किया है, लेकिन बाजार में 100 रुपये किलो की दर से इसे बेचा जा रहा था। इसी तरह से केले का रेट एक दर्जन का 70 रुपये तय किया था, बाजार में इसे भी 80 रुपये प्रति दर्जन बेचा जा रहा था। इसी तरह से अंगूर से लेकर हर फल और सब्जी के दाम तय दाम से ज्यादा पर बेचे जा रहे थे।

एसडीएम नीरज चांदला ने कहा कि यदि तीन से ज्यादा बार ज्यादा वसूली का मामला किसी भी कारोबारी के खिलाफ सामने आता है तो उसका लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। कारोबारियों ने ये दिया तर्क

कारोबारियों ने तर्क दिया कि बाजार में जो दाम मंडी में मिलते हैं। उस पर ही प्रशासन बिक्री के दाम तय कर देता है। इससे कारोबारियों को नुकसान हो रहा है। सब्जी और फल के काम में कारोबारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।

बर्दाश्त नहीं होगी अधिक वसूली

एसडीएम नीरज चांदला ने कहा कि शिमला में किसी भी सूरत में दाम की अधिक वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कारोबारी क्वालिटी की बात कहकर ज्यादा दाम वसूल रहे हैं, हालांकि बेहतर क्वालिटी देना हर कारोबारी की पहली जिम्मेदारी है। इसके बावजूद अधिक वसूली जा रही है। संजौली में कारोबारियों को हिदायत, लाइसेंस बनाएं तभी खोले दुकानें

संजौली में कारोबारियों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और नगर निगम की टीम ने हिदायत दी है कि पहले लाइसेंस बना लें, इसके बाद सेवाएं दें। उन्होंने कहा कि संजौली में दो दर्जन कारोबारियों के लाइसेंस की अवधि खत्म हो चुकी है। मेडिकल होना है। इसके बाद ही लाइसेंस दोबारा से बन सकेगा। इससे कारोबारी खासे परेशान है।

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