शिमला में सजी संडे मार्केट, बाजार में लौटी रौनक #news4
February 13th, 2022 | Post by :- | 114 Views

शिमला : कोरोना महामारी के खतरे के बीच सरकार ने बंदिशों में छूट दी है। ऐसे में रविवार को भी बाजार खुलने लगे हैं। शिमला में रविवार को संडे मार्केट सजी, जिसमें काफी लोग खरीदारी के लिए पहुंचे। इससे कारोबारियों ने भी राहत की सांस ली है।

वहीं कालेजों में नियमित रूप से पढ़ाई शुरू हो गई है। 17 फरवरी से जिले के स्कूलों में छुट्टियां खत्म होने के बाद आफलाइन कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। सरकार पहली से आठवीं कक्षाओं के बच्चों को भी स्कूल बुलाने की तैयारी में है। शिक्षण संस्थानों के खुलने की आहट से भी बाजारों में रौनक लौट आई है।

रविवार को शहर के मुख्य बाजार लोअर बाजार व रामबाजार खुले रहे। सरकार ने नाइट क‌र्फ्यू भी समाप्त कर दिया है। ऐसे में अब शाम को भी देर रात तक दुकानें खुली रहती हैं। दुकानों में हालांकि शारीरिक दूरी के नियम के पालन के साथ मास्क पहनना अनिवार्य है। किताबें और वर्दी खरीदने पहुंच रहे अभिभावक

रविवार को लोअर बाजार में लंबे समय के बाद रौनक देखी गई। अभिभावक बच्चों के साथ बाजार में किताबें, वर्दी, जूते व अन्य सामान खरीदने के लिए पहुंचे। स्कूलों में लंबे समय से आनलाइन पढ़ाई होने व उसके बाद पहली जनवरी से अवकाश होने के चलते ज्यादातर बच्चे गांव चले गए थे। अब स्कूल खुलने का समय आ गया है तो परिवार के साथ दोबारा वापस आने लग गए हैं। बाजारों में भी भीड़ बढ़ने के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। अब कारोबार के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद

शिक्षण संस्थान बंद होने व कोरोना की बंदिशों के चलते कारोबार काफी ज्यादा प्रभावित हुआ है। कारोबारियों की मानें तो तो अब आने वाले दिनों में कारोबार पटरी पर लौटेगा। बाजार में वर्दी व किताबों की दुकानों में भी भीड़ दिखी। कोरोना के नियमों के मुताबिक सभी अभिभावक व बच्चों ने मास्क पहने हुए थे। दुकान के कारोबारी भी दो साल के लंबे अंतराल के बाद लोगों की भीड़ को देख काफी खुश दिखे। लोअर बाजार में कुछ दुकानें रही बंद

रविवार को लोअर बाजार में किताबों, जूतों और कपड़ों की कई दुकानें खुली थीं, तो कुछ ने दुकानें बंद ही रखीं। वहीं नियमों में ढील के बाद संडे मार्केट भी लगी। लोग सामान खरीदने के लिए लोअर बाजार पहुंचे।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।