भितरघात करने वाले नेताओं की दीपावली के बाद होगी छुट्टी, भाजपा को महंगी पड़ी यह लापरवाही #news4
November 4th, 2021 | Post by :- | 186 Views

सोलन : अर्की में भाजपा की नैया कांग्रेस से अधिक अपनों ने ही डूबा दी। पार्टी के अंदर भितरघात को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी नहीं रोक पाए। भाजपा नेता भी अर्की में हार की मुख्य वजह भितरघात मान रहे हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं को दीवाली के बाद बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। अर्की से पूर्व विधायक गोविंद राम शर्मा शुरू से ही टिकट की दौड़ में थे। उन्होंने अपना नामांकन भरने की घोषणा कर दी थी लेकिन केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन्हें अंतिम दिन रोक लिया और वह नामांकन नहीं भर पाए। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी उनके निवास स्थान पर गए थे लेकिन वह नहीं माने।

गोविंद राम ने रतनपाल के लिए प्रचार करने से साफ मना कर दिया था। पार्टी ने भितरघात को रोकने के लिए आशा परिहार, जितेंद्र पाल व गोविंद राम सहित नेताओं को प्रचार के लिए मंडी व जुब्बल कोटखाई भेज दिया। इसके बाद भाजपा निश्चिंत हो गई। भाजपा को यह लापरवाही काफी महंगी पड़ी और मेहनत करने के बावजूद अर्की में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा।

भाजपा से कहीं अधिक बगावत अर्की कांग्रेस में थी। कांग्रेस के प्रदेश आलाकमान ने राजेंद्र ठाकुर सहित ऐसे तमाम नेताओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया जो पार्टी के खिलाफ काम कर रहे थे। कांग्रेस की इस कार्रवाई का सकारात्मक संदेश कार्यकर्ताओं व आम वोटर के बीच गया,  जिसका कांग्रेस को लाभ भी हुआ।  भाजपा बागी नेताओं पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। पार्टी इन नेताओं को बाहर निकालने की जगह उन्हें मनाने में लगी रही, जिस कारण पार्टी के अपने ही कार्यकर्ता नाराज हो गए।

यदि भाजपा ने अर्की में कांग्रेस से सीख ली होती तो आज चुनाव नतीजे कुछ ओर ही होते। फिलहाल अब भाजपा हार पर मंथन कर रही है और ऐसे तमाम नेताओं की सूची तैयार की जा रही है, जिन्होंने इन चुनावों में पार्टी के  खिलाफ काम किया है। दीवाली के बाद इन नेताओं पर कार्रवाई हो सकती है। अर्की में भाजपा के लिए संगठन में पड़ी दरार हो भरने की चुनौती है। यदि इसी प्रकार की बागवत पार्टी के बीच में रही तो वर्ष 2022 के नतीजे इससे भी अधिक निराशाजनक हो सकते हैं।

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