उपचुनाव में मिली हार के बाद जयराम एक्शन मोड में, लापरवाह अफसरों पर होगी कार्रवाई #news4
November 6th, 2021 | Post by :- | 153 Views
हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव में भाजपा की चारों सीटों पर हार के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर शनिवार को एक्शन मोड में नजर आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने में भी संकोच नहीं किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री ने शनिवार को शिमला में राज्य सरकार के प्रशासनिक सचिवों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। सीएम ने कहा कि  विभिन्न विकास परियोजनाओं से संबंधित लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। नाबार्ड, पीएमजीएसवाई के संबंध में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध पूर्ण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय बनाने के लिए कहा, जिससे परियोजनाओं की प्रगति में कोई बाधा न हो।

उन्होंने अधिकारियों को राज्य में विभिन्न सड़कों का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि उनकी घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जाना चाहिए। इस संबंध में ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से संबंधित परियोजनाओं में न केवल देरी पर चिंता जताई, बल्कि माना कि लोगों को इन प्रोजेक्टों का लाभ भी समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने प्रशासनिक सचिवों को संबंधित विभागों के लंबित मुद्दों की पहचान करने के भी निर्देश दिए, जिससे इनका शीघ्र निवारण हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न श्रेणियों जैसे जेओए, आईटी, जेबीटी, पीटीआई, एनटीटी आदि के भर्ती संबंधी मुद्दों का समाधान करने पर विशेष बल दिया जाएगा। करुणामूलक भर्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे न केवल मृतक के परिजनों को लाभ होगा, बल्कि जरूरतमंदों को रोजगार भी मिलेगा।

जयराम ठाकुर ने कहा कि एनजीटी में विचाराधीन होने के कारण लंबित सभी विकास परियोजनाओं के कार्य में भी तेजी लाई जाए, जिससेपरियोजनाओं का कार्य शीघ्र आरंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विभिन्न विभागों से संबंधित परियोजनाओं में देरी नहीं हो रही है, क्योंकि लोगों को इन परियोजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लागत भी बढ़ रही है। मुख्य सचिव रामसुभग सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रशासनिक सचिव राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना और जेसी शर्मा, प्रधान सचिव ओंकार शर्मा, रजनीश और सुभाशीष पांडा, सचिव देवेश कुमार आदि बैठक में उपस्थित थे।

कांग्रेस की सरकारें भी महंगाई कम करने का प्रयास करें तो मानें : जयराम

हिमाचल प्रदेश में उपचुनाव में हार के बाद महंगाई पर अपने बोल्ड बयान से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अब कांग्रेस शासित राज्यों को चुनौती दी है। कांग्रेस शासित सरकारों की ओर से महंगाई को मुद्दा बनाने पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने आम आदमी के जीवन को सरल करने के लिए पेट्रोल और डीजल के रेट कम करते हुए महंगाई से राहत दी है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने भी वैट को कम कर इसके रेट काफी कम कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि बयानबाजी करने के बजाय कांग्रेस शासित राज्य भी तो राहत दे सकते हैं।

शनिवार को मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने कहा कि  कांग्रेस महंगाई पर शोर डाल रही है, उसे इसका कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनकी सरकारें जहां हैं, वे भी महंगाई कम करने के लिए कदम उठाएं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की। जैसे एनडीए और भाजपा सरकार ने कदम उठाया है, वे भी अपने राज्यों में उठाएं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हार के बाद बयान दिया था कि महंगाई को कांग्रेस ने बड़ा हथियार बनाया। इससे भी चुनाव हारे। हालांकि, महंगाई अकेले हिमाचल में नहीं है। इसे मुख्यमंत्री का बोल्ड बयान माना गया है।

केंद्र और प्रदेश के नेताओं के साथ होगा हार पर मंथन : जयराम 
सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के स्तर पर चर्चा हो रही है कि कहां कमी रही। संगठन के स्तर पर बहुत जल्दी इस बारे में काम होगा। रविवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। इसमें पार्टी अध्यक्ष, वह और संगठन महामंत्री उपचुनाव में हार पर मंत्रणा करेंगे। इसके बाद समय लेकर प्रदेश और केंद्र के नेताओं के साथ समीक्षा करेंगे कि हार के क्या कारण रहे।

दिल्ली जब भी जाऊंगा, बताकर जाऊंगा
दिल्ली जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने तंज करते हुए कहा – आप मुझे दिल्ली क्यों भेज रहे हैं। दिल्ली जब भी जाएंगे, बताकर ही जाएंगे।

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