पुलिस अधीक्षक के बाद पूर्व आइएएस अधिकारी भी दिल्ली से शिमला ले आया परिवार, जांच के आदेश
April 24th, 2020 | Post by :- | 210 Views

कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए अन्य राज्यों से प्रदेश में प्रवेश वर्जित है। सरकार मात्र किसी नजदीकी की मौत व स्वास्थ्य संबंधी कारण बताने पर ही आने की अनुमति दे रही है। हैरानी की बात है कि यह कानून मात्र आम लोगों के लिए है, लेकिन अफसरशाही लगातार इस कानून को तोड़ रही है। पिछले दिनों जिला किन्नौर के एसपी पर बेटे और बेटी को रिकांगपिओ पहुंचाने का आरोप लगा था। अब पूर्व आइएएस दीपक सानन की पत्नी और बेटी दिल्ली से शिमला के मशोबरा पहुंचे हैं। हालांकि वे दो अप्रैल को मशोबरा पहुंच गए थे।

वहीं, मशोबरा क्षेत्र से शाली टिब्बा की तरफ घूमने गए आठ लोगों के कफ्यरू तोड़ने के मामले में नई बात सामने आई है। जांच में सामने आया है कि रसूखदार लोगों ने न केवल स्थानीय स्तर पर कफ्यरू को तोड़ा, बल्कि इससे पहले पूर्व आइएएस के स्वजन दिल्ली से शिमला पहुंचे थे। इनके साथ के कारोबारी के कफ्यरू पास पर भी जांच बिठा दी है।

जिला प्रशासन शिमला के मुताबिक कफ्यरू पास पर हस्ताक्षर और मुहर अलग-अलग हैं। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। सूत्रों की मानें तो पूर्व आइएएस के स्वजन दो अप्रैल को दिल्ली से शिमला पहुंचे थे। पास जारी करने के लिए काफी समय से मशक्कत की जा रही थी। सरकार के आला अधिकारियों ने भी पास देने के लिए इन्कार कर दिया था। इसके बावजूद दिल्ली से स्वजन शिमला लाए गए।

पास के आधार पर दिल्ली से स्वजनों को लाए घर : सानन

पूर्व आइएएस दीपक सानन ने कहा उन्होंने पत्नी और बेटी को लाने के लिए पास बनाया था। 16 अप्रैल को क्वारंटाइन अवधि पूरी हो चुकी है। इस दौरान घर पर ही क्वारंटाइन रहे। शाली टिब्बा बुधवार को स्वजनों के साथ गया था।

प्रशासन ने दिए मामले की जांच के आदेश

पूर्व आइएएस दीपक सानन शिमला में कफ्यरू का उल्लंघन करते हुए शाली टिब्बा घूमने निकल गए थे। इस दौरान पुलिस ने पकड़ कर मामला तो दर्ज किया, लेकिन ये बड़ा सवाल खड़ा कर गया है क्या रसूखदार लोगों के लिए कोई नियम नहीं हैं। वहीं पुलिस की एफआइआर में नामजद अन्य कारोबारी के पास पर ही प्रशासन को शक है। ऐसे में मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

कारोबारी के पास में हस्ताक्षर और मुहर में अंतर है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। पास गलत तरीके से बनाने का मामला सामने आया तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। वहीं, पूर्व आइएएस के बच्चों के दिल्ली से लाने के बारे में प्रशासन को कोई सूचना नहीं है। -अमित कश्यप, उपायुक्त शिमला।

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