वैष्णों देवी के बाद बज्रेश्वरी माता के दर्शन को आया मुंबई का परिवार 56 दिन से कांगड़ा में फंसा
May 11th, 2020 | Post by :- | 176 Views

कांगड़ा में मुंबई के रूके श्रद्धालु परिवार अपने घर जाने के लिए प्रशासन व सरकार से गुहार लगा रहे है। परिवार का कहना है कि मुंबई में हालात ठीक नही हैं और वहां पहुंचने का साधन भी नहीं है तो ऐसे में सरकार उन्हें उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के तहसील खेर उनके गांव नागला छोड़ दे। पिछले 56 दिन से यह परिवार कांगड़ा के एक निजी होटल में रुके हैं और दो सप्ताह से वापसी के लिए ई-पास की राह देख रहा है। उनका कहना है कि टैक्सी चालक बहुत अधिक किराया मांग रहे हैं।

परिवार के मुखिया सतीश भेनवाल ने बताया कि वह अपनी पत्नी हिलेश भेनवाल अपने तीन पुत्रों अमित भेनवाल, प्रदीप भेनवाल, संतोष भेनवाल के गत 14 मार्च को मुंबई से चले थे और माता वैष्णो देवी होते हुए 18 मार्च को कांगड़ा पहुंचे थे। यहां पहुंचकर पता चला कि शक्तिपीठों के कपाट बंद और यातायात सुविधा बंद कर दी है।

25 अप्रैल को अमृतसर से वापसी थी, परंतु हवाई यातायात 22 मार्च बंद है। पिछले 46 दिनों से होटल के कमरे में रह रहे हैं, आखिर कब तक वह यहां रुकेंगे, एक बहुत बड़ी समस्या उनके परिवार के समक्ष आ गई है। सरकार व प्रशासन से भी संपर्क किया जा चुका है और वहां से भी मात्र आश्वासन ही मिल रहा है। उन्होने कहा कि सरकार व प्रशासन उन्हें उत्तर प्रदेश के उनके गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था करे। उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि होटल संचालक ने उसने पैसे लेने को इनकार कर दिया है।

अब दिन में एक समय ही खा रहे है खाना

सतीश भेनवाल ने कहा कि 26 अप्रैल तक कभी कभार तीन व कभी दो समय तक खाना होटल में खाते रहे परन्तु उनकी आर्थिक स्थिति भी अब इतनी ठीक नही कि वह होटल संचालक पर अधिक आर्थिक बोझ डालें। उन्होंने बताया वह हवाई जहाज व ट्रेन टिकट में ही लगभग उनका 80 हजार रूपये का किराया फंसा है जो कि रेल विभाग से वापस नहीं आया है और हवाई जहाज कंपनी ने तो देने से ही मना कर दिया है। ऐसे में खुद उन्होंने निर्णय लिया है कि पैसे बचाने के लिए एक समय ही खाना खाएं।

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