लॉकडाउन के बीच प्रशासन ने तय किए खाद्य पदार्थों के दाम, अधिक वसूली पर होगी कार्रवाई; देखिए लिस्ट
April 23rd, 2020 | Post by :- | 278 Views

प्रशासन द्वारा जिला में मांसाहार व ढाबों में खाने के दाम तय किए गए हैं। फिलहाल यह दरें एक माह तक जिला में लागू रहेंगी। जमाखोरों सहित मुनाफाखोरों पर भी नजर रखी जाएगी और नियमों की उल्लंघना पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। चाहे वह माांसाहार की दुकान हो या फिर ढाबा सभी को बिक्री मूल्य सूची भी दुकान के बाहर अंकित करना अनिवार्य किया गया है।

दुकानदार को ग्राहक के मांगने पर कैशमैमों भी देना अनिवार्य होगा। जिला उपायुक्त राकेश प्रजापति द्वारा इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की गई है, और खाद्य अापूर्ति विभाग को चीजों को सुनिशचित बनाने के अादेश दिए गए हैं।

यह होंगे अब दाम

मीट – 400 रुपये प्रतिकिलो

मुर्गा ब्राइलर ड्रेस्ड – 160 रुपये प्रतिकिलो

मीट सूअर – 250 रुपये प्रतिकिलो

मछली कच्ची – 250 रुपये प्रतिकिलो

मछली तली हुई – 300 रुपये प्रतिकिलो

 

होटल व ढा़बों में परोसे जाने वाले खाने की दरें

पूरी खुराक- दाल सब्जी, चावल व चपाती- 60 रुपये प्रति प्लेट

स्पेशल सब्जी- आलू मटर, सफेद चने, राजमाह, आलू गोभी, पालक, आलू बैंगन, भर्था व भिंडी- 50 रुपये प्रति प्लेट

दाल फ्राई – 40 रुपये प्रति प्लेट

मटर पनीर एवं पालक पनीर- 60 रुपये प्रति प्लेट

चिकन करी- 80 रुपये प्रति प्लेट

मीट तरी सहित- 100 रुपये प्रति प्लेट

तवा चपाती- 5 रुपये प्रति

तंदूरी चपाती- 7 रुपये प्रति

परांठा भरा हुआ- 20 रुपये

दो पूरी चने सहित- 30 रुपये

दूध, दहीं व पनीर की दरें

गवालों द्वारा बेचे जाने वाला दूध- 45 रुपये प्रति लीटर

दूध पैक्ड सभी ब्रांड- पैकेट पर अंकित मूल्य अनुसार

दहीं- 55 रुपए प्रति किलो

दहीं पैक्ड सभी ब्रांड- पैकेट पर मूल्य अनुसार

पनीर खुला दूसरे राज्यों से आयातित या स्थानीय – 250 रुपये प्रति किलो

ठंडे पेय पद्वार्थ

बोतल वाले पेय- कंपनी द्वारा निर्धारित बोतलों पर अंकित मूल्य व जिला दंडाधिकारी द्वारा निर्धारित लाभांश से जो कम हो।

 

क्या कहते हैं अधिकारी

उपायुक्त द्वारा जिला में मांसाहार व ढ़ाबों में खाने सहित अन्य जरूरत की वस्तुएं के दाम तय किए गए हैं। सभी को अपनी दुकानाें के बाहर मूल्य सूचि लगाना भी अनिवार्य किया गया है। नियमों की उल्लंघना पर हिमाचल प्रदेश वस्तु मूल्यांकन एवं प्रदर्शन आदेश 1977 व हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी उन्मूलन आदेश 1977 के तहत कार्रवाही भी अमल में लाई जाएगी। -नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले जिला कांगड़ा

 

पिछले सभी आदेशों को निरस्त करते हुए आवश्यक वस्तुओं के दाम समस्त करों सहित परचून विक्रय मूल्य निर्धारित किए गए हैं। यह भी स्पष्ट है कि अब कोई भी विक्रेता निर्धारित मूल्यों से अधिक मूल्य उपभोक्ताओं से नहीं लेगा। –राकेश प्रजापति, उपायुक्त कांगड़ा।

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