बजट से खुश नहीं आंगनबाड़ी वर्कर्ज
March 9th, 2020 | Post by :- | 136 Views

अर्की – आंगनबाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन अर्की इकाई का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधान विमला ठाकुर की अगवाई में तहसीलदार अर्की से मिला। इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार संत राम शर्मा के माध्यम से प्रदेश सरकार को एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए निराशापूर्ण बताया। उनका कहना था कि आंगनबाड़ी व मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को राज्य सरकार ने इस बजट में बहुत ही निराश किया है। उन्होंने रोष जताया कि जब भी कोई जरूरी काम होता है, तो राज्य सरकार और विभाग की तरफ से आंगनवाड़ी वर्कर, हेल्पर ,आशा वर्कर और मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी बताया जाता है, परंतु जब वे कार्य का पैसा मांगते हैं तब सरकार स्वयंसेवी का बहाना कर देती है। सरकार का कहना होता है कि आप लोग तो स्वयं सेवी हैं, लेकिन यह सरकार का दोहरा मापदंड समझ नहीं आता। उनका कहना है कि एक और केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण मनाया जा रहा है व पूरे देश में महिला सशक्तिकरण के कैंप लगाए जा रहे हैं। लेकिन दूसरी ओर वर्करों को लुभावने सपने दिखाकर उनका रात-दिन शोषण किया जा रहा है। विमला का कहना है कि कई बार वर्करों से रात को 11 बजे भी काम लिया जाता है, लेकिन सरकार ने 500 व 300 रुपए बढ़ाकर उनको जो लॉलीपॉप दिया है उससे उनकी समस्याओं का हल नहीं होगा। सरकार अच्छे-अच्छे लुभावने सपने दिखाती है, लेकिन जब वादा पूरा करने की बारी आती है, तो इस तरह से कार्यकर्ताओं से टालमटोल की जाती है। उनका कहना है कि जब पंजाब व हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्य अपनी महिलाओं के लिए 10000 रुपए में पांच वर्ष रिटायरमेंट की आयु कर सकते हैं और महंगाई भत्ते से जोड़ सकते हैं, तो हिमाचल प्रदेश की सरकार क्यों नहीं जोड़ सकती है। इसलिए इस निराशाजनक बजट को देखते हुए जिसमें महिलाओं के लिए कोई भी सुविधा नहीं दी गई है ।

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