हरा सोना बंगाणा के पशुपालकों को कर रहा मालामाल पशुपालन विभाग ने अजोला उत्पादन पर अब तक 850 किसानों को किया प्रशिक्षित
August 29th, 2019 | Post by :- | 150 Views

ऊनाः हरा सोना बंगाणा के पशुपालकों की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल रहा है। हरा सोना के नाम से जाना जाने वाले अजोला तेजी से बढ़ने वाला एक प्रकार का फर्न है, जो पानी की सतह पर तैरता रहता है। पशुपालक इसे हरे चारे के रूप में प्रयोग करते हैं क्योंकि यह पशुओं के लिए पौष्टिक तत्वों का खजाना है। बंगाणा पशुपालन विभाग ने अजोला का बीज मंगवाकर पशुपालकों को इसे उगाने का प्रशिक्षण प्रदान किया है। अब तक बंगाणा उपमंडल के लगभग 850 पशुपालक इसे उगाने का प्रशिक्षण ले चुके हैं जिनमें से 400 से अधिक पशुपालक आज इस सदाबहार हरे चारे को सफलतापूर्वक उगा रहे हैं और इसका लाभ ले रहे हैं। इसकी विशेषता यह है कि गर्मी के मौसम में भी अजोला को उगाया जा सकता है, जब पहाड़ी इलाकों में हरे घास की कमी होती है। पशुपालक इसे हरे चारे के विकल्प के रुप में अपने पशुओं को खिला सकते हैं और इसकी लागत भी कम आती है।
पशुओं के लिए लाभदायक अजोला
अजोला सस्ता तथा पौष्टिक पशु आहार है, जिसको खिलाने से दुधारू पशुओं के दूध उत्पादन में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ौतरी होती है। पशुओं में बांझपन की समस्या दूर होती है। अजोला में कैल्शियम, फॉस्फोरस व लोहा भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिससे पशुओं का शारीरिक विकास अच्छा है। अजोला में प्रोटीन आवश्यक अमीनो एसिड, विटामिन ए, विटामिन बी-12 तथा बीटा-कैरोटीन एवं खनिज लवण प्रचुर मात्रा में पाए जाते है। इसमें शुष्क मात्रा के आधार पर 40-60 प्रतिशत प्रोटीन, 10-15 प्रतिशत खनिज एवं 7-10 प्रतिशत एमीनो एसिड, जैव सक्रिय पदार्थ एवं पोलिमर्स आदि पाए जाते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट एवं वसा की मात्रा अत्यंत कम होती है जिससे यह पौष्टिक एवं आदर्श पशु आहार बनाती है।
क्या कहते हैं पशु पालक
लखरूंह निवासी पशुपालक मदन राणा व पूर्ण चंद, रसोल निवासी सतीश कुमार, अरलु निवासी राजीव, कैहलवीं निवासी प्रकाश चंद, बौट निवासी सतपाल तथा चराड़ा निवासी कश्मीर सिंह ने बताया कि पशु पालन विभाग ने उन्हें अजोला उगाने का प्रशिक्षण प्रदान किया है। इसके लिए वह पशु पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर के विशेष रूप से आभारी हैं। उन्होंने कहा कि अजोला को दुधारू पशुओं के खिलाने से दूध उत्पादन में बढ़ौतरी हुई है और इससे पशु आहार का खर्च लगभग 50 प्रतिशत तक कम हुआ है।
क्या कहते हैं वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी
अजोला उत्पादन के बारे में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतेंद्र ठाकुर ने बताया कि बंगाणा पशुपालन विभाग के इस प्रयास से बड़ी संख्या में पशुपालक लाभान्वित हुए हैं। इससे न सिर्फ दुधारु पशुओं को लाभ मिलता है बल्कि यह बकरी पालन व मुर्गी पालन से जुड़े किसानों के लिए भी बेहद फायदेमंद है। अजोला खिलाने से मुर्गियों व बकरियों के वजन में बढ़ौतरी होती है। विभाग पशुपालकों को अजोला के फायदों के बारे में जागरूक कर रहा है और इसके लिए प्रदर्शनियां भी लगाई जा रही हैं।
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