सेना को मिला कारगिल पहुंचने का तीसरा विकल्प, BRO ने दारचा-शिंकुला पद्दुम मार्ग किया तैयार, जानिए मार्ग की महत्ता #news4
July 1st, 2022 | Post by :- | 84 Views

मनाली : भारतीय सेना को अब कारगिल पहुंचने के लिए तीसरा विकल्प मिल गया है। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने शिंकुला दर्रे से पद्दुम निमों तक का मार्ग बड़े वाहनों के लिए तैयार कर लिया है। सेना के वाहन अब कारगिल सेक्टर के लिए इस मार्ग का प्रयोग करेंगे। योजक परियोजना के चीफ इंजीनियर विशेष सेवा मेडल प्राप्त जितेंद्र प्रसाद ने बड़े वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। उनके साथ 126 आरसीसी के आफिसर कमांडिंग मेजर अरविंद साथ रहे।

यह मार्ग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मार्ग पर किसी दुश्मन की नजर भी नहीं पड़ती साथ ही सरचू लेह से इसकी दूरी 215 किमी कम है। BRO ने यह कार्य कर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। BRO ने हालांकि सड़क बनाकर 2019 में ही कारगिल व जांस्कर घाटी को मनाली से जोड़ दिया था। जिसके बाद छोटे वाहनों की आवाजाही ही सुचारू हो पाई थी, लेकिन अब BRO ने यह मार्ग बड़े वाहनों के लिए भी बनाकर तैयार कर लिया है।

पहले ये थे विकल्प

कारगिल पहुंचने के लिए पहले दो विकल्प थे। पहला जम्मू श्रीनगर जोजिला पास होते हुए जबकि दूसरा विकल्प मनाली-सरचू-लेह होते हुए कारगिल पहुंचने का था, लेकिन अब सेना के लिए यह मार्ग तीसरे विकल्प के रूप में मिल गया है। मनाली से सरचू-लेह व कारगिल तक 885 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब शिंकुला से जांस्कर घाटी होते हुए कारगिल की दूरी 670 किलोमीटर रह गई है। जांस्कर घाटी के लोगों को पहले कारगिल, लेह व सरचू होते हुए चार दिन का सफर करना पड़ता था। अब शिंकुला दर्रा के बहाल होते ही एक दिन के भीतर जांस्कर घाटी पहुंच रहे हैं।

आसान होगा जांस्कर के लोगों का जीवन

जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि जांस्कर की ओर से गुजरने वाले भारी वाहनों के साथ, जांस्कर की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा सुधार दिखाई देगा और जांस्करी के लोगों का जीवन आसान हो जाएगा। उन्होंने शिंकुला दर्रे के लिए चल रहे काम और प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की आमद को आकर्षित करने के लिए शिंकुला पास को सुशोभित किया जाएगा और दर्रे में BRO कैफे बनाया जाएगा। जांस्कर के लोगों के अनुरोध पर दर्रे के पास स्तूप का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने BRO की 126 आरसीसी के कर्मयोगियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की क्योंकि उन्होंने तीव्र गति से काम कर 16580 फीट की ऊंचाई पर ठंड और कठोर मौसम के बीच काम किया।

कृपया अपनी खबरें, सूचनाएं या फिर शिकायतें सीधे news4himachal@gmail.com पर भेजें। इस वेबसाइट पर प्रकाशित लेख लेखकों, ब्लॉगरों और संवाद सूत्रों के निजी विचार हैं। मीडिया के हर पहलू को जनता के दरबार में ला खड़ा करने के लिए यह एक सार्वजनिक मंच है।