राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
August 13th, 2019 | Post by :- | 186 Views

राखी बांधने का समय: 15 अगस्‍त 2019 को सुबह 10 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 08 मिनट तक

कुल अवधि: 09 घंटे 46 मिनट अपराह्न मुहूर्त: 15 अगस्‍त 2019 को दोपहर 01 बजकर 06 मिनट से दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक कुल अवधि: 02 घंटे 14 मिनट प्रदोष काल में राखी बांधने का मुहूर्त: 15 अगस्‍त 2019 को शाम 05 बजकर 35 मिनट से रात 08 बजकर 08 मिनट तक

रक्षाबंधन सिर्फ त्‍योहार नहीं बल्‍कि एक ऐसी भावना है जो रेशम की कच्‍ची डोरी के जरिए भाई-बहन के प्‍यार को हमेशा-हमेशा के लिए संजोकर रखती है। रक्षा बंधन का त्‍योहार हिन्‍दू धर्म के बड़े त्‍योहारों में से एक है, जिसे देश भर में धूमधाम और पूरे हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जाता है। यह त्‍योहार भाई-बहन के अटूट रिश्‍ते, बेइंतहां प्‍यार, त्‍याग और समर्पण को दर्शाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या रक्षा सूत्र बांधकर उसकी लंबी आयु और मंगल कामना करती हैं। वहीं, भाई अपनी प्‍यारी बहना को बदले में भेंट या उपहार देकर हमेशा उसकी रक्षा करने का वचन देते हैं। यह इस त्‍योहार की खासियत है कि न सिर्फ हिन्‍दू बल्‍कि अन्‍य धर्म के लोग भी पूरे जोश के साथ इस त्‍योहार को मनाते हैं।
कब है रक्षाबंधन कब…..
हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार रक्षाबंधन का त्‍योहार हर साल श्रावण या सावन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। ग्रगोरियन कैलेंडर के अुनसार यह त्‍योहार हर साल अगस्‍त के महीने में आता है। इस बार रक्षाबंधन 15 को है। 15 अगस्‍त के दिन ही भारत के स्‍वतंत्रता दिवस की 72वीं वर्षगांठ भी है।
रक्षाबंधन की तिथि
रक्षाबंधन सावन माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन का त्‍योहार गुरुवार को है इसलिए इसका महत्‍व और ज्‍यादा बढ़ गया है। इस दिन भद्र काल नहीं है और न ही किसी तरह का कोई ग्रहण है। यही वजह है कि इस बार रक्षाबंधन शुभ संयोग वाला और सौभाग्‍यशाली है।

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 14 अगस्‍त 2019 को रात 9 बजकर 15 मिनट से पूर्णिमा तिथि समाप्‍त: 15 अगस्‍त 2019 को रात 11 बजकर 29 मिनट तक रक्षाबंधन के दिन अपने भाई को इस तरह राखी बांधें:

सबसे पहले राखी की थाली सजाएं. इस थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, पीली सरसों के बीज, दीपक और राखी रखें. इसके बाद भाई को तिलक लगाकर उसके दाहिने हाथ में रक्षा सूत्र यानी कि राखी बांधें.

राखी बांधने के बाद भाई की आरती उतारें.
फिर भाई को कुछ मीठा खिलाएं.
अगर भाई आपसे बड़ा है तो चरण स्‍पर्श कर उसका आशीर्वाद लें.
अगर बहन बड़ी हो तो भाई को चरण स्‍पर्श करने चाहिए.
राखी बांधने के बाद भाइयों को इच्‍छा और सामर्थ्‍य के अनुसार बहनों को भेंट देनी चाहिए.
ब्राह्मण या पंडित जी भी अपने यजमान की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हैं.

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