बाथू फैक्ट्री हादसा : ऊना के बायलर उद्योगों की होगी विशेष जांच #news4
February 25th, 2022 | Post by :- | 87 Views

ऊना : महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र व श्रम अधिकारी को जिला ऊना के सभी औद्योगिक संस्थानों का निरीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बाथू फैक्ट्री हादसे के बाद जांच में अब तेजी आ गई है। विशेषकर अब जिला ऊना के जिन उद्योगों में बायलर लगे हैं, उनकी भी विशेष रूप से जांच करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को कहा गया है।

उपायुक्त राघव शर्मा ने बताया कि मंडलायुक्त कांगड़ा एसएस गुलेरिया ने शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में घायलों से बातचीत की और हादसे के संबंध में बयान दर्ज किए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुलिस विभाग से हादसे से संबंधित रिकार्ड भी लिया है। ऊना में कार्रवाई समाप्त होने के बाद मामले की जांच के लिए मंडलायुक्त पीजीआइ चंडीगढ़ जाएंगे और वहां पर भी घायलों से बातचीत करेंगे।

पीजीआइ चंडीगढ़ में उपचाराधीन 14 घायलों में से दो की मृत्यु हो गई है। अब हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। उपायुक्त ने कहा कि दोनों मृतकों के स्वजन को 50-50 हजार रुपये फौरी राहत के रूप में जिला प्रशासन ने प्रदान कर दिए हैं। अन्य घायलों की हालत पर पीजीआइ के डाक्टर निरंतर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें हरसंभव उपचार दिया जा रहा है।

पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट की हो न्यायिक जांच

बाथू में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और कामगारों की मौत के मामले में सीटू जिला कमेटी उग्र हो गई है। शुक्रवार को जिला कमेटी के सचिव गुरनाम ङ्क्षसह की अध्यक्षता में सीटू कार्यकर्ताओं ने श्रम अधिकारी और उद्योग विभाग कार्यालय के आगे जमकर नारेबाजी की। उन्होंने इस सारे मामले की न्यायिक जांच करवाने की मांग करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन हरोली, उद्योग विभाग, बिजली विभाग और श्रम विभाग की लापरवाही के कारण इतना बड़ा हादसा हो गया जिसमें अब तक आठ कामगारों ने अपनी जान गवां दी है और कई गंभीर रूप से घायल हैं जिनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस घटना की बारीकी से और निष्पक्ष जांच के लिए न्यायिक जांच होनी बेहद जरूरी है ताकि फैक्ट्री के मालिक सहित अन्य दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जा सके।

सीटू पदाधिकारियों कहा कि विस्फोटक सामग्री हिमाचल सीमा के अंदर कैसे आई, उद्योग इतने दिन तक काम कैसे करता रहा और बिजली के कनेक्शन कैसे लिए, इन सबकी निष्पक्ष जांच सिर्फ न्यायिक कमेटी ही कर सकती है। इस हादसे में मारे गए लोगों के स्वजन को हिमाचल सरकार या उद्योग प्रबंधन की ओर से 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए। सीटू जिला सचिव गुरनाम ङ्क्षसह ने कहा कि अगर पीडि़तों को इंसाफ नहीं मिला तो सीटू अन्य ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर संघर्ष करेगी।

इस दौरान उनके साथ कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, राज्य कमेटी सदस्य विजय शर्मा, जिला कमेटी के सदस्य ओपी सिद्धू, प्यारा ङ्क्षसह व कामरेड जोगा मौजूद रहे।

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