पशुशाला जलकर राख, दो गाय व एक बछड़े की जलकर मृत्यु
January 14th, 2023 | Post by :- | 46 Views

सलूणी: उपमंडल सलूणी के अंतर्गत डियूर के कुठेड़ गांव में अब्दुल गनी पुत्र नूर मोहम्मद की पशुशाला जलकर राख हो गई। अग्निकांड में पशुशाला में बंधी दो गाय, एक बछड़ा, छह मुर्गे, चारा व अन्य सामान जल गया। पशुशाला में आग देख पीड़ित परिवार के सदस्य व ग्रामीण घटनास्थाल पर पहुंचे और आग पर काबू पाने का प्रयास किया।

लकड़ी से बनी पशुशाला में उठ रही आग की लपटों पर काबू नहीं पाया जा सका। घटना वीरवार देर सायं घटी। क्षेत्र में हिमपात व वर्षा हो रही थी। ठंड के कारण अधिकतर लोग घरों में दुबके हुए थे। कई लोग खाना खाने के बाद सो गए थे।

सूखी लकड़ी व घास से फैली आग

पशुशाला घर से करीब ढाई सौ मीटर दूर थी। गांव के किसी व्यक्ति ने पशुशाला में आग की लपटें देखी और शोर मचाया। इसके बाद पीड़ित परिवार के सदस्य व ग्रामीण घरों से बाहर निकलने और घटनास्थल की ओर दौड़े लेकिन तब तक आग की लपटें भयंकर हो गई थीं। पशुशाला में सूखी लकड़ी व घास भी था।

इससे आग ज्यादा फैल गई और इस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। डियूर पंचायत प्रधान देसराज ने बताया कि कुठेड़ गांव में अब्दुल गनी की पशुशाला में आग लगने से अंदर बंधी तीन गाय व छह मुर्गे, चारा, लकड़ी व अन्य सामान जल गया है। एसडीएम सलूणी डा. स्वाति गुप्ता ने कहा कि नुकसान का आकलन करने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

लोग पानी व मिट्टी से आग बुझाने को मजबूर

न ही अग्निशमन सेवा केंद्र नजदीक है और न ही आग पर काबू पाने के लिए कोई अन्य संसाधन है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग पानी व मिट्टी से ही आग पर काबू पाने का प्रयास करते हैं। पर्याप्त पानी न होने से आग की फैलती लपटों को काबू करना मुश्किल होता है।

ऐसे में सवाल यह है कि दुर्गम व ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निकांड की घटनाओं पर कैसे काबू पाया जाए। सर्दियों में जनजातीय व ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोग काफी मात्रा में लकड़ी व घास घरों में जमा कर लेते हैं। आग लगने पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। शार्टसर्किट से भी आग लग रही है।

दो माह में जिले में आग की 10 घटनाएं

दो माह में जिले में करीब 10 छोटी-बड़ी आग की घटनाएं हुई हैं। इसमें दो लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा है और करोड़ों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई है। सबसे बड़ी घटना भटियात के औद्योगिक क्षेत्र हटली में हुई है। यहां प्लास्टिक वेस्ट फैक्टरी में रात को आग लगने से अंदर सोए दो मजदूर जिंदा जल गए थे और तीन ने भागकर जान बचाई थी।

 

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