केंद्र ने हिमाचल से पूछा, बताएं- नई शिक्षा नीति से क्या परिणाम आया, 18 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी #news4
November 18th, 2022 | Post by :- | 78 Views

शिमला : शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों के उद्देश्य से लाई गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) पर केंद्र सरकार ने काम तेज कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने हिमाचल से रिपोर्ट तलब की है। 18 बिंदुओं पर यह रिपोर्ट मांगी गई है। पूछा गया है कि किन-किन बिंदुओं पर काम शुरू हो चुका है। नई शिक्षा नीति में सुधार की जो पहल की है उसके प्रथम चरण में क्या परिणाम आए हैं।

केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि नीति को लागू करने में तेजी लानी होगी, ढुलमुल रवैया नहीं चलेगा। यह संकेत भी दिए हैं कि नीति को लागू करने में बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को वित्तीय सहायता देने में प्राथमिकता दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर इन्हें अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी। नई शिक्षा नीति को सरकार ने जुलाई 2020 को स्वीकृति दी थी। इसके अमल में तेजी से शुरू करने में जुटे मंत्रालय का इस दौरान सबसे ज्यादा ध्यान राज्यों पर ही है, क्योंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है। इसमें केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होता है। उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक डा. अमरजीत शर्मा ने कहा कि केंद्र ने जानकारी मांगी है। जल्द ही सारी जानकारी मुहैया करवा दी जाएगी।

नई नीति लागू करने वाला पहला राज्य बना था हिमाचल

नई शिक्षा नीति लागू करने वाला हिमाचल पहला राज्य बना था। देश में सबसे पहले हिमाचल ने इस नीति को लागू किया था। इसके लिए टास्क फोर्स भी बनाई है, लेकिन हिमाचल ने जितनी तेजी इसे लागू करने में दिखाई, उसके बाद उस गति से इस पर काम नहीं हो रहा है।

किस पर क्या पूछा

  • मल्टीपल एंट्री व एग्जिट में क्या काम किया

नई शिक्षा नीति में मल्टीपल एंट्री व एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत पढ़ाई बर्बाद नहीं होती। यदि एक साल बाद भी कोई विद्यार्थी पढ़ाई छोड़ता है तो उसे सर्टिफिकेट, दो साल बाद डिप्लोमा व तीन साल बाद डिग्री मिलेगी। केंद्र ने पूछा है कि किस संकाय में इसे लागू किया गया है। इसे लागू करने के बाद क्या दिक्कत आ रही है।

  • उद्योगों के साथ इंटर्नशिप कार्यक्रम

कालेजों में बीवाक के अलावा कई अन्य व्यावसायिक विषय पढ़ाए जाते हैं। नई शिक्षा नीति में उद्योगों के साथ मिलकर इंटर्नशिप कार्यक्रम चलाने से लेकर अन्य तरह की कवायद शुरू करने को कहा गया है। केंद्र ने पूछा है कि क्या इसे लागू कर दिया गया है। उद्योगों के साथ संपर्क, सेमिनार जैसे आयोजन किए जा रहे हैं या नहीं।

  • अकादमिक शोध बढ़ाने पर क्या काम हुआ

केंद्र ने पूछा है कि अकादमिक शोध को बढ़ावा देने के लिए क्या कार्य किया जा रहा है। क्या इसको लेकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। यदि हां तो इसकी कापी भी भेजी जाए। शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए हैं। उसके बाद क्या रैंकिंग में सुधार हुआ है।

  • भारतीय भाषाओं में पढ़ाई पर क्या किया

पत्र में पूछा गया है कि भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए क्या कार्य हुआ है। भारतीय भाषाओं को लेकर क्या कोई नया कोर्स शुरू किया गया है। इन सब पर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है।

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