जल शक्ति अभियान पर केंद्रीय टीम ने प्रधानों-पंचायत सचिवों के साथ की बैठक
August 14th, 2019 | Post by :- | 147 Views

पानी की बर्बादी बने लोगों में चर्चा का विषयः राजीव
ऊना (14 अगस्त)- जल शक्ति अभियान के तहत केंद्र सरकार की टीम ने ऊना खंड की ग्राम पंचायतों के प्रधानों तथा पंचायत सचिवों के साथ आज यहां एक बैठक की, जिसकी अध्यक्षता केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव कुमार ने की।
इस अवसर पर राजीव कुमार ने कहा कि जल शक्ति अभियान तब तक सफल नहीं बन सकता है, जब तक लोग इस बात को न समझें कि पानी को बर्बाद होने से बचाना हम सब की जिम्मेदारी है। लोग पानी की बर्बादी को चर्चा का विषय बनाएं, ताकि पानी के महत्व के बारे में जागरूकता फैले। उन्होंने चेन्नई का उदाहरण देते हुए कहा कि पीने योग्य पानी के स्रोत सीमित हैं और पानी का इस्तेमाल सोच-समझ कर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ऊना जिला को गिरते भूजल स्तर की समस्या से ग्रस्त (वॉटर स्ट्रेस्ड) घोषित किया है और एक दशक में भू-जल स्तर लगभग 2 मीटर नीचे जा रहा है, जोकि बेहद गंभीर स्थिति है और इसके दुष्परिणाम हमें निकट भविष्य में देखने को मिलेंगे। राजीव कुमार ने कहा कि इसी स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जल शक्ति अभियान की शुरूआत की है।
दो चरणों में चल रहा जल शक्ति अभियान
राजीव कुमार ने कहा कि जल शक्ति अभियान दो चरणों चलाया जा रहा। पहला चरण 15 सितंबर तक सभी राज्यों में और दूसरे चरण के तहत एक अक्टूबर से 30 नवंबर तक उन जिलों में चलेगा जहां लौटते हुए मानसून में बारिश होती है। उन्होंने कि अभियान के दौरान पानी बचाने व वर्षा जल संग्रहण, परंपरागत जल स्रोतों के नवीनीकरण, अंडर वॉटर रिचार्ज के लिए संरचना निर्माण व रख-रखाव, वॉटरशेड विकास तथा पौधारोपण पर फोकस रहेगा। उन्होंने गांवों में सोक पिट बनाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा सामुदायिक सोक पिट के निर्माण की बात कही। साथ ही किसानों को भी सिंचाई की आधुनिक तकनीकों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए ताकि खेती बाड़ी में कम पानी इस्तेमाल हो।
इस अवसर पर उपस्थित परियोजना अधिकारी डीआरडीए ऊना संजीव ठाकुर ने कहा कि कोई भी काम जन भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता है। जल शक्ति अभियान में भी सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित बनानी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने के साथ-साथ उनका संरक्षण भी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का संग्रहण करने के लिए हर घर में टैंक बनाए जाने चाहिए।
उपस्थित प्रधानों तथा पंचायत सचिवों ने भी इस अभियान के बारे में अपने विचार साझा किए। बैठक में केंद्रीय दल के साथ आए केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के निदेशक भगवान दास तथा इंजीनियर एनके मीणा भी उपस्थित रहे।
टीम ने किया फील्ड निरीक्षण
जल शक्ति अभियान की टीम ने केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजीव कुमार के नेतृत्व में फील्ड निरीक्षण भी किया। टीम ने लमलैहड़ी, डठवाड़ा, बदोली, कोटला कलां अप्पर व झंबर का दौरा किया और यहां पर अभियान के तहत चल रहे काम को देखा। केंद्रीय टीम ने ऊना जिला में चल रहे काम पर संतोष प्रकट किया।

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