हिमाचल निर्माण में चंबा ने निभाई थी अहम भूमिका #news4
March 8th, 2022 | Post by :- | 92 Views

चंबा : हिमाचल के निर्माण में चंबा की अग्रणी भूमिका रही है। 8 मार्च 1948 को चंबा का हिमाचल में विलय हुआ था। तब से लेकर आठ मार्च का दिन चंबा दिवस के तौर पर स्थापित हो गया है। यदि चंबा का हिमाचल विलय न होता तो उस समय के महासू, सिरमौर व मंडी को एक ऐसा स्टेट माना जात, जो अपने खर्चे खुद पूरे नहीं कर सकता था। ऐसे में इन तीन जिलों का विलय भी पंजाब में करना पड़ता, जिस कारण हिमाचल अस्तित्व में नहीं आता। लेकिन चंबा रियासत ने आठ मार्च को हिमाचल में विलय किया, तब इस बात की वकालत की गई कि यह एक पहाड़ी राज्य बनना चाहिए। क्योंकि इसकी अपनी अलग संस्कृति व रहन-सहन है। ऐसे में पंजाब के साथ इसका विलय होना किसी भी सूरत में सही नहीं है। इस संबंध में चंबा के प्रजामंडल के लोगों ने सोलन में जाकर चंबा का सहयोग दिया। अंत में केंद्र सरकार ने हिमाचल को एक अलग राज्य बनाया। यह राज्य उस समय चार जिलों चंबा, मंडी, सिरमौर व महासू को मिलाकर बना लेकिन इस दौरान हिमाचल दो हिस्सों में बंटा था। एक तरफ चंबा जिला था। वहीं बीच में कांगड़ा, कुल्लू, लाहुल स्पीति पड़ते थे, जोकि हिमाचल का हिस्सा नहीं थे जिन्हें राज्यों के पुनर्गठन के दौरान मिलाया गया।

हिमाचल निर्माण में जिला चंबा की अहम भूमिका रही है। इसका हिमाचल गैजेट के पेज नंबर 159-160 में भी जिक्र है। हिमाचल निर्माण के समय पंजाब के राजनेताओं का यह प्रयास था कि पूर्वी पंजाब की पहाड़ी रियासतों को पंजाब में मिला दिया जाए। लेकिन चंबा के लोगों ने इसके विरुद्ध जोरदार आवाज उठाई। भारत सरकार के रियासतों संबंधी मंत्रालय के सचिव वीपी मेनन ने भी अपनी पुस्तक भारतीय रियासतों के भारत में विलय की कहानी में इसका उल्लेख किया है। जाहिर है कि चंबा यदि पंजाब में चला जाता तो हिमाचल प्रदेश का गठन आर्थिक रूप से व्यावहारिक न माना जाता।

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क्या कहते हैं जानकार

हिमाचल प्रदेश के गठन में जिला चंबा की अग्रणी भूमिका रही है। इसके कई प्रमाण भी मौजूद हैं। गठन के बाद हिमाचल अग्रणी राज्य तो बना लेकिन हिमाचल के निर्माण में चंबा जिला का जो योगदान था, उसे या तो भुला दिया गया या फिर कमतर आंका गया। अनदेखी के कारण 117 पिछड़े जिलों में इसका नाम है। आज भी जिला चंबा आकांक्षी जिला के रूप में माना गया है। जबकि चंबा का जब हिमाचल में विलय हुआ था, उस समय यह अग्रणी जिला था।

-कुलभूषण उपमन्यु, पर्यावरणविद् एवं इतिहास के जानकार।

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चंबा में मनाया गया चंबा दिवस

चंबा दिवस के मौके पर मंगलवार को जिला के विभिन्न स्थानों पर लोगों की ओर से कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान चंबा के निकटवर्ती गांव चमीनू में नाट आन मैप संस्था की ओर से चंपा का पौधा रोपा गया। साथ ही युवाओं व लोगों को चंबा दिवस के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। संस्था के सह-संस्थापक मनुज शर्मा ने चंबा दिवस से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लोगों के समक्ष रखा। इसके साथ ही जिला के विकास में अपना अहम योगदान देने के लिए भी प्रेरित किया गया। वहीं, चंबा कालेज परिसर, भटियात के गरनोटा, चुराह के तीसा सहित अन्य स्थानों पर भी चंबा दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

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