ज्वालामुखी में झंडा रस्म के साथ विधिवत पूजा, चामुंडा मंदिर में नहीं होगा विश्व शांति के लिए जाप
March 25th, 2020 | Post by :- | 136 Views

जिला कांगड़ा के इतिहास में पहली बार हुआ है, जब चैत्र नवरात्र का आगाज हो गया और शक्तिपीठों के कपाट बंद हैं। इसकी वजह कोरोना महामारी के चलते जिला कांगड़ा में लगाया गया कर्फ्यू है। आज पहले नवरात्र पर कांगड़ा के शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी देवी, श्री चामुंडा व श्री बज्रेश्वरी देवी कांगड़ा में चैत्र नवरात्र का आज तो हुआ है और विधिवत पूजा अर्चना भी हुई, लेकिन तीनों के शक्तिपीठों के कपाट बंद ही रखे गए। कोई भी श्रद्धालु मंदिर में आने नहीं दिया गया।

श्री ज्वालामुखी मंदिर में सुबह 5 बजे मंदिर अधिकारी विशन दास शर्मा ने झंडा रस्म अदा की व ज्वाला मां की विधिवत पूजा अर्चना क़र भोग प्रसाद लगाया। वे कहते हैं शहर में धारा 144 व कर्फ्यू के बावजूद मंदिर की परंपरा को बरकरार रखा गया है व झंडा रस्म के साथ मां की विधिवत पूजा अर्चना की गई। वहीं मंदिर सहायक आयुक्त एवं एसडीएम अंकुश शर्मा ने बताया नवरात्र के कारण मंदिर को पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया है।

वहीं श्री चामुंडा मंदिर में सुबह पूजा हुई व शाम को भी होगी। इसके अलावा अगले नौ दिनों तक मंदिर में कोई भी धार्मिक अनुष्ठान नहीं होगा। यहां बता दें कि हर साल इन नवरात्र में 31 पंडित नौ दिनों तक लगातार विश्व शांति के लिए सप्त चंडी पाठ, लघुरुद्राभिषेक, गायत्री मंत्र जाप, रामायण पाठ तथा दसवें नवरात्र के दिन यज्ञ की पूर्णाहुति का आयोजन किया जाता रहा है। यह  पहला अवसर है कि मंदिरों के कपाट कोरोना वायरस जैसी भयावह महामारी के कारण बंद करने पड़े। मंदिर अधिकारी सुमन धीमान ने बताया कि मंदिर में इन दिनों सुबह शाम दो समय आरती ही की जा रही है।

इसके अलावा कांगड़ा स्थित श्री बज्रेश्वरी मंदिर में सुबह पांच बजे मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राम प्रसाद शर्मा, पंडित निशांत शर्मा ने कपाट बंद करके विशेष पूजा अर्चना कर नवरात्र का आगाज करवाया और माता को भोग लगाया। पंडित राम प्रसाद शर्मा ने सभी भक्तों से अपील की है कि कोरोना वायरस के चलते मंदिर में न आएं।। घरों में रहकर दिन के दो समय माता की पूजा और ध्यान करें।

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